एक साथ मरने आए थे सात लोग, आगे की कहानी हैरान कर देगी

  • यूपी के चंदौली में डीडीयू (मुगलसराय) स्टेशन के पास का मामला

By: रफतउद्दीन फरीद

Published: 25 Nov 2020, 06:17 PM IST

Chandauli, Chandauli, Uttar Pradesh, India

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

चंदौली. पति-पत्नी तय कर चुके थे कि अपनी जिंदगी खत्म कर देंगे। सिर्फ अपनी ही नहीं बल्कि अपने पांच बच्चों की भी जिनमें कोई भी 10 से 12 साल से बड़ा नहीं था। सभी पहुंच गए रेलवे लाइन के किनारे और ट्रेन आने की इंतजार में पटरियों पर लाइन से लेट गए। ट्रेन आने ही वाली थी कि उसके पहले एक आरपीएफ कांस्टेबल की नजर उनपर पड़ गई। सभी को किसी तरह समझा-बुझाकर कांस्टेबल ने वहां से हटाया।

 

 

डीडीयू नगर रेलवे स्टेशन के पश्चिमी छोर डीडीयू इलाहाबाद रेल खण्ड पर पारिवारिक कलह को लेकर परिवार के सात लोग जान देने के लिए रेलवे लाइन पर लेट गया। ट्रेन से सभी कटने वाले ही थे कि ड्यूटी पर कार्यरत एक आरपीएफ की नजर पड़ गई।जो आनन-फानन में मौके पर पहुंच कर किसी तरह समझा बुझा कर ट्रैक से हटाया तब कहि सातों लोगों की जान बची। जो DDU नगर में चर्चा का विषय बना हुआ। आरपीएफ के जवान की सतर्कता और इस कार्य से विभागीय अधिकारियों ने शाबाशी दी है और पुरस्कृत किये जाने की भी बात कही है।

 

चतुर्भुजपुर काली महाल निवासी पति पत्नी परिवार में आए दिन कि किचकिच से तंग आकर जान देने के लिये निकले थे। गनीमत ही रही और उनकी मौत नहीं लिखी थी इसलिये एक आरपीएफ का जवान फरिश्ता बनकर आया और उन्हें बचा लिया। बचाए जाने के बाद सभी की काउंसलिंग की गई और उन्हें समझाया गया कि भविष्य में ऐसा कदम नहीं उठाएंगे। चेतावनी भी दी गर्ठ कि अगर ऐसा कदम उठाया तो कड़ी कार्रवाई भी होगी। पूरा परिवार झगड़ा और विवाद न करने के लिये राजी हुआ।

 

आरपीएफ DDU स्टेशन (मुगलसराय) पोस्ट के प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार ने कहा कि आरपीएफ जवान की सतर्कता से एक परिवार के 7 लोगों की जान बच गई। इस बाबत आरपीएफ के वरीय सुरक्षा आयुक्त आशीष मिश्र ने कहा कि जवान ने जान बचाकर सराहनीय कार्य किया है। इसके लिए हाजीपुर आईजी से बात कर रेलवे बोर्ड से सिपाही को पुरस्कृत किया जाएगा।

By Santosh Jaiswal

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