UP के चंदौली में 'सेल्फी विथ अटेंडेंस', सेल्फी खींचकर बताना होगा कि आप ड्यूटी पर हैं

 UP के चंदौली में 'सेल्फी विथ अटेंडेंस', सेल्फी खींचकर बताना होगा कि आप ड्यूटी पर हैं
Selfie With Attendance 2

ट्रायल में ही दिखने लगा असर, अब पूरे जिले में लागू होगा फरमान। शिक्षक को स्कूल में सेल्फी खींचकर साबित करनी होगी उपस्थिति।

चंदौली. आप शिक्षक हैं तो स्कूल पीरियड में आपसे किसी भी वक्त कहा जा सकता है कि स्कूल में बच्चों संग सेल्फी खींचकर दीजिये। डीएम भी मांग सकते हैं और शिक्षा अधिकारी यानि बीएसए आदि भी। जी हां गैर हाजिर रहने वाले शिक्षकों के को राइट टाइम करने के लिये यूपी के चंदौली जिले में डीएम ने यह अनोखा रास्ता निकाला है। जिस स्कूल में इसे ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया वहां 15 दिनों में शिक्षकों की उपस्थिति में अच्छा खासा इजाफा देखने को मिला है। जल्द ही अब यह पूरे जिले में भी लागू हो सकता है। डीएम के इस स्टेप के बाद शिक्षकों में हड़कम्प है, क्योंकि अब यह पूरे जिले में लागू होने जा रहा है।




ये है पूरा मामला
दरअसल यूपी के चंदौली जिले के नक्सल प्रभावित इलाकों में स्कूलों की खराब हालत को सुधारने के लिये वहां के डीएम ने स्मार्ट तरीका निकाला। उनके इस तरीके ने गजब का परिणाम दिया। डीएम कुमार प्रशांत ने नक्सल प्रभावित इलाके नौगढ़ ब्लॉक के स्कूलों में आने वाले शिक्षकों को रोजाना प्रार्थना के दौरान बच्चों के साथ स्कूल में एक सिल्फी खींचकर व्हाट्सऐप करने का फरमान सुना दिया। इसको उन्होंने नाम दिया (सेल्फी विथ अटेंडेंस)। यह अटेंडेंस वाली सेल्फी बीआरसी के व्हाट्सऐप ग्रूप पर भेजनी होती है। यही नहीं इसके अलावा कभी भी उनसे स्कूल में सेल्फी मांगी जा सकती है यह देखने के लिये कि वह स्कूल में मौजूद हैं या नहीं। यह व्यवस्था नौगढ़ इलाके के 150 विद्यालयों में लागू की गयी। डीएम इसकी मॉनिटरिंग खुद करते हैं।



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सेल्फी विथ अटेंडेंस की तस्वीरें


नक्सल प्रभावित जिलों राइट टाइम हुए शिक्षक
यूं तो शिक्षा के स्तर में सुधार की जरूरत तो पूरे यूपी में है पर नक्सल प्रभावित इलाकों में इसकी कुछ ज्यादा ही जरूरत है। इन इलाकों में बच्चे तो स्कूलों में कम आते ही हैं जो आते भी हैं उन्हें पढ़ाने के लिये रखे गए शिक्षक भी अनुपस्थित रहते हैं। इस इलाके में आने वाले शिक्षक इस प्रयास में लगे रहते हैं कि किस तरह से यहां से ट्रांसफर करा लिया जाय। ऐस में अटेंडेंस के प्रमाण के तौर पर सेल्फी का प्रयोग रंग लाया और नौगढ़ में तकरीबन 15 प्रतिशत शिक्षकों की उपस्थिति बढ़ी बतायी जा रही है।




मई से पूरे जिले में सेल्फी विथ अटेंडेंस
चंदौली के जिलाधिकारी कुमार प्रशांत के मुताबिक यह स्टेप शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिये लिया गया। इसे पहले नक्सल प्रभावित रिमोट एरिया नौगढ़ में ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया। वहां यह कामयाब रहा और अब इसे पूरे जिले के 1500 से अधिक स्कूलों में लागू किया जाएगा। 19-20 अप्रैल को जिला स्तर पर कार्यशाला का आयोजन होगा, जिसमें प्रधानाचार्य शिरकत करेंगे।
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