जब इन छोटे बच्चों ने स्कूल में ही शुरू कर दी नारेबाजी, देखकर हर कोई रह गया हैरान

शिक्षकों की मनमानी के आगे सबकुछ नाकाम साबित हो रहा है

चंदौली. कहते हैं कि अती किसी के भी लिए हानिकारक होती है। ऐसे ही रास्ते पर आजकल चल रहे हैं प्राथमिक स्कूल के कई शिक्षक। जो पढ़ाई के नाम पर मोटी सैलरी तो ले रहे हैं पर बच्चों की शिक्षा से पूरी तरह खिलवाड़ कर रहे हैं। सरकार इसे रोकने के लिए प्रेरणा एप पर काम तो कर रही है लेकिन इनकी मनमानी के आगे सबकुछ नाकाम साबित हो रहा है।

ऐसी एक तस्वीर सामने आई चंदौली जिले के शाहबगंज थाना इलाके से। सावलसोत ग्राम स्थित प्राथमिक विद्यालय में बारिश की छुट्टी के बाद सोमवार को बच्चों के स्कूल खोले गये थे। स्कूल का समय सुबह के आठ बजे से था। बच्चों और अध्यापकों को समय से 15 मिनट पहले पहुंचने की बात कही जाती है। लेकिन हैरानी की बात है कि बच्चे तो अपने समय से स्कूल पहुंच गये पर पांच शिक्षकों में से एक भी शिक्षक स्कूल न आया।

लगभग डेढ़ घंटे तक छोटे-छोटे बच्चे विद्यालय गेट के बाहर खड़े होकर स्कूल खुलने का इंतजार कर रहे थे। अभिभावकों को स्कूल बंद होने की जानकारी हुई तो वह आक्रोशित हो उठे। फिर क्या था गांव के कई लोग विद्यालय पहुंच गये बच्चों को इकट्टा किये और उनसे पूछा तो पता चला कि ये हर रोज कि समस्या है। लोगों के कहने पर बच्चों ने शिक्षकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया। कहा कि शिक्षकों की लापरवाही के कारण हमें हर रोज गेट के बाहर खड़े होकर घंटों बिताने पड़ते हैं। जानकारी के बाद पहुंचे स्थानीय लोगों ने ये तस्वीर लेकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जिसकी चर्चा जिले में खूब रही।

कक्षा पांच के छात्र प्रदुम्न के पिता रामनारायण कक्षा चार के संतोष के पिता चौथी राम कक्षा तीन के अंकित के पिता सागर का आरोप है कि अक्सर शिक्षक समय से स्कूल नहीं आते, जिसके कारण देर तक गेट बंद रहता है। बच्चों को घंटों गेट पर खड़े रहकर इंतजार करना पड़ता है। एक तरफ सरकार प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए इंग्लिश मीडियम के तर्ज पर सब कुछ व्यवस्थाएं प्रदान कर रही है। करोड़ो रुपए बुनियादी शिक्षा पर खर्च किए जा रहे हैं। बावजूद शिक्षकों की स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है। इस संदर्भ में खंड शिक्षा अधिकारी प्रकाश चंद यादव का कहना है कि 30 सितंबर तक विद्यालय के शिक्षण कार्य का समय सुबह 8 बजे से है। बावजूद देर से विद्यालय बंद रहने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

Ashish Shukla
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