परीक्षा के ठीक पहले पांच-पांच सौ रुपये में बिकने लगा हल किया हुआ फिजिक्स का पेपर, रद्द हो सकती है परीक्षा

Rafatuddin Faridi

Publish: Feb, 15 2018 11:45:50 PM (IST)

Chandauli, Uttar Pradesh, India

चंदौली. योगी सरकार में नकल विहीन बोर्ड परीक्षा का दावा लगातार फेल होता जा रहा है। सरकार अगर डाल-डाल चल रही है तो नकल माफिया पात-पात। कड़ाई के दावे फेल होते दिख रहे हैं। कहीं लिखी हुई कॉपियां बदले जाते लोग पकड़े जा रहे हैं तो कहीं सीसीटीवी कैमरा बंद कर खेल हो रहा है। ताजा मामला बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्रनाथ पाण्डेय के संसदीय क्षेत्र चंदौली का है, जहां परीक्षा के पहले ही भौतिक विज्ञान का परचा लीक हो गया। बाजार में पांच-पांच सौ रुपये में हल किया हुआ पेपर बिक गया। पेपर लीक होने की इस घटना से प्रशासन में हड़कम्प मच गया।


दरअसल गुरुवार इंटर मीडिएट की के भौतिक विज्ञान के प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा थी। परीक्षा शुरू होने के पहले ही दिन में करीब 11 बजे के आस-पास सैय्यदराजा में भौतिक विज्ञान का पेपर लीक हो गया। बाजार में पांच-पांच सौ रुपये में हल किया हुआ पेपर बिकने लगा। यही नहीं कुछ ही देर में यह व्हाट्सऐप पर भी आ गया। खबर मिलते ही प्रशासन और शिक्षा विभाग के हाथ-पांव फूल गए।


खबर जब शिक्षा विभाग को लगी तो वहां भी हड़मम्प मच गया। खबर लगने पर जिलाधिकारी ने तत्काल डीआईओएस रविन्द्र प्रताप सिंह को जांच का आदेश दिया। पूरे मामले की जांच की गई तो भौतिक विज्ञान के प्रश्न पत्र और बाजार व सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे प्रश्न पत्र में से 35 नंबर के पेपर में से 14 नंबर के प्रश्न सही पाए गए। जिला विद्यालय निरीक्षक रविंद्र प्रताप सिंह ने पूरे मामले की जानकारी यूपी बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव को फोन पर दी। इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने रिपोर्ट भेजने के साथ ही चंदौली जिले की भौतिक विज्ञान प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा को निरस्त करने की संस्तुति भेज दी। उधर सूचना मिलते ही ज्वाइंट डायरेक्टर भी चंदौली पहुंच गए।


इसी तरह चन्द दिनों पहले ही बलिया में एक स्कूल प्रबंन्धक के घर पर बाकायदा गणिति का पर्चा हल किया जा रहा था। कॉपियां हल करते हुए लखनऊ की एसटीएफ टीम ने प्रबन्धक और प्रधानाचार्य के भाई समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गाजीपुर जिले में तो परीक्षा समाप्त होने के बाद पहले से लिखी हुई कॉपियां असल कॉपियों से बन्द कमरे में बदली जा रही थीं। सूचना मिलने पर जब अधिकारी ने छापा मारा तो रंगे हाथ चार लोग पकड़े गए। जिलाधिकारी को खबर देने के बाद सभी को पुलिस के हवाले कर दिया गया, पर वहां से पुलिस ने तहरीर न मिलने का हवाला देते हए कार्रवाई करने के बजाय उन्हें छोड़ दिया।

by santosh kumar

1
Ad Block is Banned