भारी बारिश की वजह से बांधों से छोड़ने पर नदियां उफान पर, ग्रामीणों की मुसीबत बढ़ी

सुरक्षा की दृष्टि से बांधों से पानी छोड़ दिया गया है और इसका असर पहाड़ी नदियों पर पड़ने लगा

चंदौली. यूपी में हो रहे लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। हालांकि थोड़ी राहत मिली है। लेकिन लगातार तीन दिन हुए बारिश की वजह से बांधों में पानी भर गया है। सुरक्षा की दृष्टि से बांधों से पानी छोड़ दिया गया है और इसका असर पहाड़ी नदियों पर पड़ने लगा है। जिले में कर्मनाशा, गरई और चंद्रप्रभा नदी उफान पर है। इससे तटीय इलाकों के कई बस्तियों में पानी घुस गया है। इससे कंदवा, बबुरी, शिकारगंज में धान की फसल डूबने लगी है और बस्तियों में पानी घुसने लगा है। पहाड़ी क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति से लोग परेशान हैं। चंद्रप्रभा नदी में बारिश के बढ़ाव के चलते बबुरी इलाके के सिवान में पानी फैलने लगा है। वहीं बस्तियों में भी पानी घुसने के कगार पर पहुंच गया है। पीडीडीयू नगर-चकिया मार्ग पर चंद्रप्रभा का पानी बह रहा है। लेवा-इलिया-शहाबगंज मार्ग पानी के बहाव से कई जगह कट गया है। इससे लोगों में भय है।


शनिवार को दिन भर हुई बरसात के चलते मूसाखांड़ बांध देर शाम जलस्तर खतरे के निशान 357 फीट को पार कर गया। इसके चलते बांध से शनिवार की देर रात 8260 क्यूसेक पानी मूसाखाड़ बांध से लतीफशाह बीयर में छोड़ा गया। इससे बीयर से तीन फीट पानी कर्मनाशा नदी में छोड़ा गया। कर्मनाशा नदी में पानी गिरने से नदी में उफान आ गया। शहाबगंज ब्लाक के निचले हिस्से के गांवो में पानी घुस जाने से नागरिकों की परेशानी बढ़ गई। रविवार को बरसात थमने के कारण रविवार की शाम मूसाखाड़ बांध से 3260 क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया जिससे स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र आजाद ने बताया कि बांध का जलस्तर बढ़ने के कारण लतीफशाह बीयर में पानी छोड़ा गया था। बावजूद इसके अधिक पानी न छोड़े जाने व बरसात थमने से बाढ़ की भयावह स्थिति नहीं बनी है।


लगातार बारिश और बांधों का पानी कर्मनाशा नदी में छोड़ने से नदी में उफान आ गया है। इससे नदी के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी में बढ़ते पानी को देख लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में लग गए हैं। पानी से अरंगी, लोहरा, कुंआ, अदसड़, ककरैत, करौती, पोखरा धनाइतपुर, मुड्डा, चारी, चिरईगांव आदि गांवों के सीवान में फसल व पशुओं का चारा पानी में डूब गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी रात में बढ़ा तो लोहरा-अरंगी व अरंगी-धनाइतपुर-मुड्डा मार्ग पर पानी आ जाएगा। नदी के बढ़ाव से लोग बोरिया बिस्तरा समेट कर सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुट गए हैं।


वहीं कर्मनाशा नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की संभावना के मद्देनजर और ग्रामीणों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के निदान के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तटवर्ती इलाके के ककरैत, अरंगी, नौबतपुर और सोगाई में चौकियां स्थापित कर दी हैं। प्रत्येक चौकी पर दो आशा, एक एएनएम व एक चिकित्सक की तैनाती की गई है।

BY- Santosh Jaiswal

sarveshwari Mishra
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