जहरीली शराब से तीन दिन में 70 मौतें, राज्य में हड़कम्प

तरनतारन में 50, अमृतसर में 12 और गुरदासपुर के बटाला में 8 मौतें

शिकायत के बाद भी कार्रवाई न करने पर निलंबित थाना प्रभारी हिरासत में

शिरोमणि अकाली दल का कैप्टन सरकार पर नशेबाजी बढ़ाने का आरोप

By: Bhanu Pratap

Published: 01 Aug 2020, 06:58 PM IST

चंडीगढ़। पंजाब के अमृतसर, बटाला (गुरदासपुर) और तरनतारन में जहरीली शराब पीने से शनिवार को 21 और लोगों की मौत हो गई। इससे पहले वीरवार और शुक्रवार को 49 लोगों की मौत हो गई थी। इस तरह पंजाब के तीन जिलों में अवैध शराब पीने से मरने वालों की संख्‍या 70 हो गई है। शनिवार को अमृतसर के मुच्‍छल गांव में शराब पीने वाले एक व्‍यक्ति की मौत हो गई तरनतारन में 20 लोगों की मौत हो गई। अब तक तरनतारन जिले में 50, अमृतसर जिले में 12 और गुरदासपुर जिले के बटाला में आठ लोगों की मौत हो चुकी है। इस मामले में पकड़े गए लोगों ने स्वीकार किया है कि वह शराब तैयार करने लिए ज्यादा मात्रा में एल्कोहल, धतूरा व यूरिया खाद का इस्तेमाल करते थे। अमृतसर के तरसिका थाने के निलंबित एसएचओ (थाना प्रभारी) विक्रम सिह को शुक्रवार को हिरासत में लिया गया था। उन पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने का आरोप है।

पोस्टमार्टम न होने पर हंगामा

तरनतारन में अवैध शराब पीने से शनिवार को 20 ओर लोगों की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि पोस्टमार्टम हाउस में तीन शव रखने के लिए कैंडी की व्यवस्था है। शव अधिक होने कारण उन्हें जमीन पर ही रख दिया गया। पोस्टमार्टम शुरू न होने पर परिवारों ने हंगामा करते हुए थाना सिटी प्रभारी अमृतपाल सिंह का घेराव किया। मौके पर डीएसपी सुच्चा सिंह बल्ल पहुंचे शवों का पोस्टमार्टम शुरू कराया। तब जाकर परिजन शांत हुए। गांव भुल्लर, संघा, बचड़े, कंग, मुरादपुरा में मृतकों की संख्या बढ़ने से शोक की लहर पैदा हो गई। तरनतारन में मरने वाले 30 लोग नौरंगाबाद, मल्लमोहरी, कक्का कंडियाला, भुल्लर, बचड़े, अलावलपुर, जवंदा, कल्ला व पंडोरी गोला के रहने वाले हैं। इनमें गांव मल्लमोहरी के पिता-पुत्र भी शामिल हैं। मृतकों में 22 वर्ष के युवक से लेकर 60 वर्ष तक के बुजुर्ग शामिल हैं। वहीं, अमृतसर में मुच्छल गांव व बटाला में हाथी गेट व कपूरी गेट में जहरीली शराब से मौतें हुई हैं।

गुरुवार से शुरू हुआ मौतों का सिलसिला

शुक्रवार को तीन सीमावर्ती जिलों तरनतारन, अमृतसर और गुरदासपुर में जहरीली देसी शराब पीने से 42 लोगों की मौत हो गई थी। तरनतारन में सबसे ज्यादा 30, बटाला (गुरदासपुर) में आठ और अमृतसर में चार लोगों की मौत हुई थी। वीरवार को अमृतसर में सात लोगों की जान गई थी। शनिवार को 21 और लोगों की मौत हो गई। इस तरह दो दिन में 10 गांवों और दो शहरी इलाकों में 70 लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोगों की हालत अब भी गंभीर है। मरने वाले लोग ज्यादातर मजदूर तबके के हैं। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

सुखबीर सिंह बादल

मुख्यमंत्री ने दिया है जांच का आदेश

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को जालंधर के डिवीजनल कमिश्नर राज कमल चौधरी को घटना की न्यायिक जांच सौंप कर तीन हफ्ते में रिपोर्ट मांगी थी। इस जांच में ज्वाइंट एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर व संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक भी शामिल होंगे। इसके अलावा बटाला और अमृतसर में भी एसआइटी गठित की गई है। अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

सुखबीर सिंह बादल का कैप्टन सरकार पर आरोप

इसी बीच शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल तरनतारन के सिविल अस्‍पताल पहुंचे और मारे गए लोगों के परिवार से भी उनके घर मिलने गए। सुखबीर ने कहा कि अवैध शराब पीने से पंजाब में जितनी मौतें हुई है, उसकी जिम्मेदार कैप्टन सरकार है। बादल ने कहा कि सरकार के मंत्री और विधायक शराब ठेकों पर काबिज हैं और दूसरी तरफ अवैध शराब का कारोबार चलाया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि गुटका साहिब की शपथ लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के लोगों को नशे के मामले पर गुमराह किया। अब पंजाब में नशे से लगातार मौतें हो रही हैं। बादल ने कहा कि पंजाब में गुंडागर्दी और नशा माफिया का राज चल रहा है।

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