हरियाणा सरकार का रोडवेज यूनियनों को काबू में रखने का कदम

हरियाणा सरकार का रोडवेज यूनियनों को काबू में रखने का कदम

Shailesh pandey | Publish: Sep, 07 2018 07:05:08 PM (IST) Chandigarh, India

हडताल की अगुवाई करने वाले करीब 122 रोडवेज कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए गए है

(राजेन्‍द्र सिंह जादोन की रिपोर्ट)
चंडीगढ। हरियाणा सरकार ने पिछले चार और पांच सितम्बर को रोडवेज कर्मचारी यूनियनों द्वारा प्रस्तावित चक्काजाम हडताल को बल प्रयोग से नाकाम करने के बाद अब यूनियनों को आगे के लिए काबू में करने के कदम उठाने शुरू कर दिए है। इस सिलसिले में हडताल की अगुवाई करने वाले करीब 122 रोडवेज कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए गए है। राज्य सरकार के पास कार्रवाई के लिए सबसे बडा हथियार एस्मा का है।

 

यूनियनों के पदाधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश


सरकार ने रोडवेज यूनियनों की चक्काजाम हडताल को रोकने के लिए आवश्यक आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम अथवा एस्मा लागू कर दिया था। लेकिन रोडवेज यूनियनों ने इस अधिनियम का उल्लंघन कर हडताल की थी। इसलिए सरकार के पास कार्रवाई का आधार मौजूद है। प्राप्त जानकारी के अनुसार हरियाणा के परिवहन विभाग ने प्रदेश के सभी रोडवेज डिपो के महाप्रबन्धकों को पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि रोडवेज हडताल की अगुवाई करने वाले कर्मचारियों और खासकर यूनियनों के पदाधिकारियों को निलंबित किया जाए। पुलिस ने हडताल के दिन इन्हें गिरफ्तार किया था।

 

164 कर्मचारियों को किया था गिरफ्तार


पुलिस ने रोडवेज हडताल के दौरान कुल 164 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था। इनमें से 110 को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। इनमें से 12 कर्मचारियों को पुलिस रिमांड पर भेजा गया था। कुल 122 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की गई। परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह द्वारा डिपो महाप्रबन्धकों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि ये कर्मचारी न केवल अपने कार्य से अनुपस्थित रहे बल्कि इन्होंने एस्मा लागू होने के बावजूद अन्य कर्मचारियों को कार्य बहिष्कार के लिए उकसाया। इस हडताल के कारण परिवहन विभाग को भारी नुकसान हुआ और यात्रियों को बडी असुविधा झेलनी पडी। हालांकि महाप्रबन्धकों,यातायात प्रबन्धकों और कार्य प्रबन्धकों ने इस संकट से उबरने के लिए बडी मेहनत की। इसलिए इन कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासन की कार्रवाई शुरू की जाए और निलंबन के नोटिस जारी किए जाए।

 

10 सितम्बर को सभी डिपो पर विरोध प्रदर्शन

 

उधर,हरियाणा रोडवेज वर्कर्स ज्वाइन्ट एक्शन कमेटी ने बैठक कर फैसला किया है कि विपक्ष के विधायकों को अवगत कराया जाए कि उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। एस्मा लागू करने व हडताल के दौरान लाठीचार्ज करने का मुद्दविधानसभा में उठाया जाए। अब रोडवेज कर्मचारी आगामी 10 सितम्बर को सभी डिपो पर विरोध प्रदर्शन करेंगे और कार्यस्थल पर काले झंडे लेकर पहुंचेंगे। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स ज्वाइन्ट एक्शन कमेटी ने गिरफ्तारी के विरोध में जींद में रैली के आयोजन का भी ऐलान किया था लेकिन यूनियन नेताओं के जेल में होने के कारण रैली स्थगित कर दी गई। अब यूनियन नेताओं का कहना है कि उनकी प्राथमिकता अपने साथियों को जेल से रिहा करवाना है।

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