पंजाब में सिद्धू की नई गुगली, कहा- चुनाव तक नहीं बनेगी कोई नई पार्टी

नवजोत सिंह सिद्धू ने बुधवार को पंजाब विधानसभा चुनाव होने तक कोई नई राजनीतिक पार्टी नहीं बनाने का ऐलान किया

By: युवराज सिंह

Published: 21 Sep 2016, 03:28 PM IST

नई दिल्ली। जूमलो के लिए मशहूर पूर्व क्रिकेटर और राजनेता नवजोत सिंह सिद्धू ने बुधवार को पंजाब विधानसभा चुनाव होने तक कोई नई राजनीतिक पार्टी नहीं बनाने का ऐलान किया। सिद्धू ने कहा कि पार्टी खड़ी करने के लिए 2-3 साल का समय लगता है। पार्टी बनाकर वह बादल-अमरिंदर के खिलाफ  वोट बांटना नहीं चाहते हैं। उन्होंने आवाज-ए-पंजाब को एक राजनीतिक पार्टी के बजाए फोरम बताया। सिद्धृ ने एक प्रेस कांफे्रस करके यह जानकारी दी।

चुनावों शिरकत नहीं
उन्होंने कहा कि आवाज ए पंजाब फोरम पंजाब की बेहतरी के लिए किसी भी गठबंधन का स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि लुधियाना के बैंस बंधुओं, परगट सिंह के साथ शुरू किया गया सियासी मंच पंजाब में चुनाव तक बना रहेगा लेकिन चुनावों शिरकत नहीं करेगा।

राज्यसभा की सदस्यता भी छोड़ दी
गौरतलब है कि 14 सितंबर को नवजोत सिंह सिद्धू  और उनकी पत्नी नवजोत कौर ने भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। सिद्धू ने इससे पहले राज्यसभा की सदस्यता भी छोड़ दी थी। नवजोत कौर ने पार्टी छोडऩे से पहले यह कहा कि मैंने अपने क्षेत्र की समस्या उठानी चाही तो मुझे इजाजत नहीं मिली, क्या यह डेमोक्रेसी है, नहीं यह डिक्टेरशिप है।

आवाज़ ए पंजाब की घोषणा
उल्लेखनीय है कि नवजोत सिंह सिद्धू ने बीजेपी छोड़ी है या नहीं यह बात कई दिनों तक साफ  नहीं हो पाई थी। लेकिन 14 सितंबर को इस बात का खुलासा हुआ कि दो महीने से सिद्धू के अगली राजनीतिक पार्टी को चुनने की कवायद चल रही थी लेकिन इस बीच उन्होंने बीजेपी छोड़ी नहीं थी। यानि जुलाई में राज्यसभा से इस्तीफा देने के वक्त, अरविंद केजरीवाल से बातचीत के दौरान और न ही 'आवाज़ ए पंजाब की घोषणा के समय सिद्धू ने बीजेपी से इस्तीफा दिया।

केजरीवाल पर आरोप
सिद्धू ने बीजेपी ने नाराजगी की सबसे बड़ी वजह बताई कि उन्हें पार्टी ने पंजाब से दूर रहने के लिए कहा, जो उनके लिए संभव नहीं था। बता दें कि दो हफ्ते पहले ही 52 साल के सिद्धू ने यह कहते हुए नई पार्टी की घोषणा की थी कि आप के साथ हाथ मिलाने की बात नहीं बन पाई। उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाया कि वह पार्टी में ऐसे लोग चाहते हैं जो उनकी 'हां में हां मिलाए। साथ ही सिद्धू ने यह भी कहा कि केजरीवाल ने उनसे कहा था कि वह अगले साल होने वाले पंजाब चुनाव में हिस्सा नहीं लें।

ऐसा माना जा रहा है कि अब नए मंच में सिद्धू मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे और उन्होंने 'एक जैसे विचारों' के लोगों को पार्टी में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। वैसे सिद्धू ने सिर्फ  आप को ही नही पंजाब में कांग्रेस के प्रमुख अमरिंदर सिंह को भी न में ही जवाब दिया है।
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युवराज सिंह
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