मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताई पंजाबियों की वह खास आदत जिससे बढ़ रहा कोरोना

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा- सबसे बड़ी समस्या पंजाबियों की ‘चलता है’ की आदत है जिस कारण वह छोटे-मोटे लक्षणों को गंभीरता के साथ नहीं लेते।

By: Bhanu Pratap

Published: 24 Sep 2020, 02:42 PM IST

चंडीगढ़। पंजाब में अगर कोरोनावायरस का प्रकोप बढ़ रहा है तो इसके लिए स्वयं पंजाबी जिम्मेदार हैं। पंजाबियों की एक आदत है ‘चलता है’ जो पूरे पंजाब के लिए घातक साबित हो रही है। पंजाबियों की इस आदत के बारे में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक को जानकारी दी है।

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छोटे-मोटे लक्षणों को गंभीरता के साथ नहीं लेते पंजाबी
राज्य में कोविड से पैदा हुए हालात पर प्रधानमंत्री को जानकारी देते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि बीते 3-4 हफ़्तों के दौरान कोविड मामलों की संख्या में विस्तार हुआ है और औसतन तकरीबन 2400 -2500 मामले सामने आए हैं। रोजाना 55 -60 मौतें हुई हैं। चिंता का मुख्य विषय कोविड मामलों में मौत की अनुपात दर है जो कि बीते एक हफ्ते के दौरान कुछ हद तक नीचे आने के बावजूद भी 2.9 प्रतिशत पर कायम है। उन्होंने इस दर पर नकेल डालने के लिए ख़ास कर राज्य के 9 सबसे प्रभावित जिलों में उठाये जा रहे कई कदमों के बारे भी प्रधानमंत्री को अवगत करवाया। उन्होंने यह कहा कि सबसे बड़ी समस्या पंजाबियों की ‘चलता है’ की आदत है जिस कारण वह छोटे-मोटे लक्षणों को गंभीरता के साथ नहीं लेते।

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लोक इन्साफ पार्टी ने मास्क के खिलाफ प्रचार किया

उन्होंने जानकारी दी कि इस समस्या में और भी विस्तार इस कारण हुआ है कि कुछ राजनीतिक पार्टियों जैसे कि लोक इन्साफ पार्टी की तरफ से मास्क पहनने के खि़लाफ़ प्रचार किया जा रहा है जिसके निष्कर्ष के तौर पर ख़ास कर भीड़भाड़ वाले इलाकों में 25 प्रतिशत लोग मास्क नहीं डाल रहे हैं। पुलिस को प्रतिदिन 4000 -5000 उल्लंघन करने वालों को जुर्माना लगाना पड़ रहा है।

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अंग निकालने की गलत सूचना फैलाई
मुख्यमंत्री ने हाल ही में कुछ शरारती तत्वों और राजनीतिक तौर पर सम्बन्ध रखते कुछ लोगों की तरफ से किये भ्रामक प्रचार करने का भी जि़क्र किया। योजनाबद्ध ढंग से मुहिम चला कर कोविड को भारत सरकार और पंजाब सरकार की साजिश बताया और अंग निकालने की गलत सूचना फैलायी। उन्होंने बताया कि यह लोग सोशल मीडिया पर बहुत सक्रिय थे और कुछ पंचायतों ने टैस्ट करवाने के विरुद्ध प्रस्ताव भी पास कर दिए। वीडियो वायरल होने से आम लोगों में कोविड की टेस्टिंग करवाने के विरुद्ध डर पैदा हो गया।

रोजाना 30 हजार कोविड परीक्षण
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्थिति में अब सुधार हुआ है और इस समय पर आर.टी. -पी.सी.आर. और आर.ए.टी. के द्वारा रोज़मर्रा के 30,000 के लगभग टेस्ट किये जा रहे हैं। उन्होंने अस्पताल में दाखि़ल होने से जुड़े डर को दूर करने के लिए एकांतवास हुए मरीज़ों को बाँटी जा रही कोविड किट के विवरण भी साझा किये।

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