पंजाब समेत इन राज्यों में एसटीएफ करेगी घग्गर नदी की सफाई

पंजाब समेत इन राज्यों में एसटीएफ करेगी घग्गर नदी की सफाई

Prateek Saini | Publish: Aug, 12 2018 06:37:55 PM (IST) Chandigarh, Punjab, India

नदी की सफाई के लिए इन राज्यों में एसटीएफ के गठन का आदेश नेशनल ग्रीन ट्ब्यिूनल ने दिया है...

(चंडीगढ): हिमाचल प्रदेश की शिवालिक पहाडियों से निकलकर पंजाब,हरियाणा और राजस्थान के रास्ते पाकिस्तान जाने वाली घग्गर नदी की सफाई अब हरियाणा,पंजाब,हिमाचल और चंडीगढ में इन राज्यों द्वारा गठित की जाने वाली एसटीएफ करेगी।

 

नदी की सफाई के लिए इन राज्यों में एसटीएफ के गठन का आदेश नेशनल ग्रीन ट्ब्यिूनल ने दिया है। ट्ब्यिूनल ने इन राज्यों के मुख्य सचिवों को आदेश दिया है कि नदी की सफाई के लिए एसटीएफ का गठन किया जाए। नदी की सफाई का मतलब उसे पूरी तरह प्रदूषण मुक्त करने को कहा गया है। ट्ब्यिूनल ने इन राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी कहा है जो कि नदी में प्रदूषण फैलाने वालों को बचाने का काम कर रहे है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफअ सिविल और आपराधिक कार्रवाई करने को भी कहा गया है।

ट्रिब्यूनल के आदेश के अनुसार इन राज्यों में राज्य स्तर पर एसटीएफ का गठन करने के अलावा नदी से जुडे जिलों में भी एसटीएफ का गठन किया जाएगा। जिला स्तर पर गठित की जाने वाली एसटीएफ में जिला मजिस्ट्रेट,पुलिस अधीक्षक,राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी और जिला न्यायाधीश द्वारा मनोनीत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष शामिल होंगे। राज्य स्तर पर गठित की जाने वाली एसटीएफ में मुख्य सचिव,पर्यावरण सचिव,शहरी विकास विभाग के सचिव और स्थानीय निकाय विभाग के सचिव शामिल किए जायेंगे। इन राज्यों को एसटीएफ का गठन पिछले 7अगस्त से एक माह में करने को कहा गया है।


ट्रिब्यूनल ने अपने इस आदेश की पालना कराने के लिए एक कार्यकारी कमेटी का भी गठन कर दिया है। इस कमेटी में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश प्रीतमपाल,पर्यावरण मंत्रालय से एक वरिष्ठ वैज्ञानिक,केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक इंजीनियर को शामिल किया है। हरियाणा के लोकायुक्त पद से सेवानिवृत हुए जस्टिस प्रीतमपाल इस कमेटी के अध्यक्ष होंगे। कमेटी का काम घग्गर के पानी की गुणवत्ता बहाल करना है। कमेटी को 31 जनवरी 2019 तक रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। ट्रिब्यूनल को हरियाणा के फतेहाबाद जिले के रतिया और पंजाब के मानसा और सार्दुलगढ में नदी से निकलती दुर्गंध के बारे में बताया गया था। रतिया में तो पानी के बजाय काला अपशिष्ट बहता दिखाई देता है। झाग के साथ प्लास्टिक व अन्य कचरा बहता दिखाई देता है।

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