सुखना झील के गेट खुलते ही बलटाना में बाढ़, पुलिस वालों की जान पर बन आई

खतरे का निशान पार होते ही सुबह तीन बजे खोलने पड़े लेक के बाढ़ गेट, सड़क पर पानी ही पानी

By: Bhanu Pratap

Published: 24 Aug 2020, 09:32 AM IST

चंडीगढ़। लगातार आठ घंटे की बारिश ने केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ को पानी-पानी कर दिया। सड़कों पर पानी भर गया। आफत तब और बढ़ गई जब प्रसिद्ध सुखना झील में पानी खतरे के निशान से ऊपर आ गया। तत्काल ही सुखना झील के बाढ़ गेट खोल दिए गए। देखते ही देखते पानी ने रौद्र रूप धारण कर लिया। बलटाना पुलिस चौकी पानी में डूब गई। पुलिस वालों की जान पर बन बन आई। जैसे-तैसे बच पाए। यह बात तड़के तीन बजे की है।

खतरे का निशान पार

सुखना झील का जलस्तर 1163 फुट पर स्थिर रखा जाता है। शनिवार रात करीब 8 बजे शुरू हुई तेज बारिश सुबह 4 बजे तक भी जारी रही। ऐसे में सुखना झील का जलस्तर करीब डेढ़ फुट तक बढ़ गया। त़ड़के करीब तीन बजे जब सुखना लेक का जलस्तर खतरे के निशान को पार गया तो पानी बाहर निकालने के लिए गेट खोलने पड़े।

flood

पुलिस चौकी पानी में डूबी

सुखना झील से छोड़े गए इस पानी की मार चंडीगढ़ व पंचकूला से सटे बलटाना पर पड़ी। हालांकि बलटाना का रिहायशी इलाका ऊंचाई पर है लेकिन बलटाना पुलिस चौकी यहां से निकलने वाले बरसानी नाले के पास निचले इलाके में है। सुखना लेक से जब पानी छोड़ा गया तो बरसाती नाला भी ओवर फ्लो हो गया। पुलिस चौकी इसकी चपेट में आ गई। उस समय चौकी में पुलिस कर्मी सो रहे थे। चौकी में अचानक पानी भरने की आवाज सुनकर उनकी नींद खुली तो नजारा देख उनके होश उड़ गए। देखते ही देखते पूरी चौकी पानी में डूब गई। पुलिस कर्मियों ने मुश्किल से निकलकर अपनी जान बचाई।

Show More
Bhanu Pratap
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned