देश के इस इलाके के हालात भी जम्मू-कश्मीर से कम नहीं हैं... अभी तक जारी है...

देश का एक हिस्सा ऐसा है ( One of the part of country ) जिसकी सीमा पाकिस्तान से नहीं लगती, वहां की भौगोलिक और सांस्कृतिक स्थिति भी जम्मू-कश्मीर जैसी नहीं है। इसके बावजूद कानून-व्यवस्था की दृष्टि से वहां के हालात जम्मू-कश्मीर जैसे ही हैं। ( Situtation is not less than J&K ) सरकार इस इलाके को इतनी संवदेनशील मानती है कि 22 दिन बाद भी धारा 144 ( Imposed this law ) लगी हुई है।

चंडीगढ़ (संजीव शर्मा): देश का एक हिस्सा ऐसा है ( One of the part of country ) जिसकी सीमा पाकिस्तान से नहीं लगती, वहां की भौगोलिक और सांस्कृतिक स्थिति भी जम्मू-कश्मीर जैसी नहीं है। इसके बावजूद कानून-व्यवस्था की दृष्टि से वहां के हालात जम्मू-कश्मीर जैसे ही हैं। जम्मू-कश्मीर में ( Situtation is not less than J&K ) बेशक कई महीनों बाद इंटरनेट की बहाली हुई और कफ्र्यू हटाया गया किन्तु इस इलाके को सरकार इतनी संवदेनशील मानती है कि 22 दिन बाद भी धारा 144 ( Imposed this law ) लगी हुई है।

सार्वजनिक स्थानों पर एकत्रित नहीं हो सकते
इस धारा के तहत पांच लोग सार्वजनिक स्थान पर एकत्रित नहीं हो सकते। यह इलाका है देश की राजधानी से चंद किलोमीटर की दूरी पर। बावजूद इसके हालात अभी तक असामान्य बने हुए हैं। यह क्षेत्र है हरियाणा का मेवात बाहुल्य नुंहू जिला। इस जिले में पिछले महीने की २५ दिसंबर को धारा 144 लगाई गई थी, जोकि अभी तक जारी है।

सीएए का किया था विरोध
केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन एक्ट को लागू किए जाने के बाद जिस तरह के हालात जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में है वैसी ही स्थिति हरियाणा के मेवात क्षेत्र (नुंहू जिले) में भी बनी हुई है। यहां बीती 25 दिसंबर से धारा 144 लागू है और अब तक ढाई सौ के करीब लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

तभी से लागू है धारा 144
केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन एक्ट लागू किए जाने के बाद देश के कई हिस्सों में विभिन्न संगठनों द्वारा इसके विरोध में रोष मार्च निकाले गए। हालांकि हरियाणा में सीएए के विरोध में अधिक प्रदर्शन नहीं हुए और स्थिति नियंत्रण में रही। इसके बावजूद हरियाणा सरकार द्वारा मेवात समेत कई जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई। इस बीच प्रदेश में कई जगह सीएए के विरोध में प्रदर्शन भी हुए और सत्तारूढ़ भाजपा सरकार ने सीएए के समर्थन में जागरूकता अभियान भी चलाया जोकि अब तक जारी है।

250 लोगों के विरूद्ध दर्ज मामले
इस बीच मेवात में धारा 144 के बावजूद कांग्रेसियों के समर्थन से कई संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया। जिसके चलते मेवात के अलग-अलग पुलिस थानों में 250 लोगों के खिलाफ धारा 144 का उलंघन करने के विरोध में मामला दर्ज कर लिया गया। अभी तक 25 दिसंबर को मेवात में लागू हुई धारा 144 समाप्त नहीं की गई और न ही लोगों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए गए हैं।

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से की शिकायत
हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के उपनेता एवं नूंह के विधायक आफताब अहमद ने इस मामले को लेकर गत दिवस मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की। सीएम से मुलाकात के बाद आफताब अहमद ने बताया कि वह इस मुद्दे पर हरियाणा के गृहसचिव से भी मुलाकात कर चुके हैं। मेवात में वकीलों के कई संगठन भी धारा 144 समाप्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक ज्ञापन भेज चुके हैं। उन्होंने बताया कि सीएए के विरोध में किया गया प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्वक रहा है। लोकतंत्र में सभी को शांतिपूर्वक अपना विरोध दर्ज करने की आजादी है। इसके बावजूद धारा-144 लगाना और लोगों के विरूद्ध मामला दर्ज करना मौलिक अधिकारों का हनन है। आफताब अहमद ने बताया की मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उन्हें आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द धारा 144 को हटा लिया जाएगा।

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Yogendra Yogi Desk
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