भटिंडा सम्मेलन में सुखपाल खैहरा समर्थकों ने जुटाए हजारों लोग, पंजाब इकाई भंग करने का प्रस्ताव पारित

भटिंडा सम्मेलन में सुखपाल खैहरा समर्थकों ने जुटाए हजारों लोग, पंजाब इकाई भंग करने का प्रस्ताव पारित
file photo

| Publish: Aug, 02 2018 05:38:58 PM (IST) Chandigarh, India

मजबूत शक्ति प्रदर्शन के साथ इस सम्मेलन में प्रस्ताव पारित कर आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई को भंग करने का ऐलान किया गया

(राजेन्‍द्र सिंह जादोन की रिपोर्ट)
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व द्वारा एक ट्वीट के जरिए पंजाब के नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाए गए सुखपाल खैहरा ने गुरूवार को भटिंडा सम्मेलन में हजारों लोगों को जुटा कर अपनी शक्ति का अहसास कराया। मजबूत शक्ति प्रदर्शन के साथ इस सम्मेलन में प्रस्ताव पारित कर आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई को भंग करने का ऐलान किया गया। इसके साथ ही चंडीगढ़ में विधायकों की बैठक बुलाकर एक सप्ताह में नए नेता प्रतिपक्ष का चुनाव कराने की मांग भी एक अन्य प्रस्ताव के जरिए की गई। सम्मेलन में सुखपाल खैहरा समेत सात विधायक पहुंचे। दूसरी ओर अन्य 11 विधायक सम्मेलन के विरोध में दिल्ली चले गए।

 

कई प्रस्ताव पारित हुए सम्मेलन में


सम्मेलन में आधा दर्जन प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें पार्टी की प्रदेश इकाई को अपने फैसले लेने की स्वायत्तता देने, सम्मेलन के विरोध में दिल्ली गए ग्यारह विधायकों का कदम नामंजूर करने, विधानसभा में पंजाब के हित के मुद्दे उठाने के लिए खैहरा की सराहना करने, खैहरा को असंवैधानिक तरीके से नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाने की कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए एक सप्ताह में चंडीगढ़ में बैठक बुलाकर नए नेता प्रतिपक्ष का चुनाव कराने, जिला स्तर के सम्मेलन 12 अगस्त से होशियारपुर से शुरू करने और दिल्ली समर्थक विधायकों को गांवों में प्रवेश न करने देने, विदेश में बसे पंजाबियों के पार्टी के लिए योगदान की सराहना करने के प्रस्ताव शामिल थे।

 

केजरीवाल और सिसोदिया रहे खैहरा के निशाने पर


सुखपाल खैहरा ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि अब मेरे लिए ओहदे की बात बहुत पीछे चली गई। मैं पूरे पंजाब का नेता हूं। अब प्रदेश के सभी 22 जिलों में पार्टी के पुराने साथियों को जोडा जाएगा। मैं हर वर्ग और धर्म के साथ हूं। आज राजनीति में पैसा और बाहुबल का बोलबाला है। नेतृत्व ने पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार से कोई सबक नहीं लिया। पिछले बीस साल से पंजाब को लूटा जा रहा है। अब मैं पंजाब और पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए लडूंगा। नेतृत्व ने पंजाब में बनावटी सूबेदार नियुक्त किए हैं। अरविन्द केजरीवाल और मनीष सीसोदिया भी सूबेदार हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठे हुए रिमोट दबाकर मुझे नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाया गया।

 

दिल्ली के नेता मेरा अपमान करते हैंः खैहरा


खैहरा ने कहा कि दिल्ली के नेता मेरा अपमान भी करते है। हमारे ही विधायकों ने मुझसे इस्तीफा मांग लिया। मेरे खिलाफ सभी राजनीतिक दल एक हो गए। लेकिन मैं पंजाब और कार्यकर्ताओं के लिए लडूंगा। लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई से पार्टी को सींचा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा कैप्टेन अमरिंदर सिंह सरकार और पूर्व अकाली सरकार में कोई फर्क नहीं है। पंजाब के नदी जल की राॅयल्टी अन्य राज्यों से वसूल करने का प्रस्ताव नेतृृत्व ने ठण्डे बस्ते में डाल दिया। गुरूग्रंथ साहिब की बेअदबी के विरोध में प्रदर्शन करते सिखों पर पुलिस फायरिंग का मुद््दा उठाते हुए खैहरा
ने कहा कि रणजीत सिंह आयोग ने अपनी रिपोर्ट में अफसरों को नामजद किया गया है लेकिन केप्टेन सरकार अफसरों पर कार्रवाई नहीं करना चाहती। इसलिए मामला सीबीआई को सौंप दिया गया।

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