सोशल साइट से सीखा था नकली करेंसी नोट बनाना

सोशल साइट से सीखा था नकली करेंसी नोट बनाना

Shailesh pandey | Publish: Jun, 14 2018 07:10:01 PM (IST) Chandigarh, India

जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया था उन्होंने पूछताछ में बताया है कि सोशल साइट से नकली करेंसी नोट बनाने का तरीका सीखा था।

(राजेन्द्र सिंह जादौन की रिपोर्ट)
चंडीगढ। सिरसा पुलिस ने बुधवार को नकली करेंसी नोट बनाने के मामले में जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया था उन्होंने पूछताछ में बताया है कि सोशल साइट से नकली करेंसी नोट बनाने का तरीका सीखा था। पुलिस ने बुधवार को चतरगढपट््टी क्षेत्र के एक मकान पर छापा मार कर पंच विनोद कुमार व कम्प्यूटर विशेषज्ञ बलवंत को गिरफ्तार किया था। सिरसा के पुलिस अधीक्षक हामिद अख्तर के अनुसार पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि उन्होंने सोशल साइट से नकली करेंसी नोट बनाना सीखा। पुलिस ने बुधवार को जब छापा डाला था तब बिहार निवासी इनका तीसरा साथी भी मौजूद था लेकिन वह फरार होने में सफल रहा। तीसरे साथी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है। गिरफ्तार किए गए दो लोगों में नेजाडला कलां निवासी विनोद कुमार निर्वाचित पंचायत पंच है।

 

पहचानना आसान नहीं

 

अभियुक्त बलवंत को कम्प्यूटर फोटो शॉप की जानकारी थी। वह वीडियो एडिटिंग का काम करता था। उसने एक सोशल साइट से नकली नोट बनाना सीखा। उसने बाजार से अच्छी क्वालिटी का कागज लेकर पहले सौ रूपए के दो नोट छापे। नकली नोट हूबहू हैं और उन्हें आसानी से पहचाना नहीं जा सकता। हालांकि थोडा पानी लगने पर रंग उतर जाता है। अभियुक्त अब तक 70 हजार रूपए मूल्य के नकली नोट बना चुके हैं और तीसरे साथी के जरिए कुछ नकली नोट स्थानीय बाजार में चला चुके हैं। अभियुक्तों के अनुसार उन्हें चालीस हजार के नकली नोट के बदले दस हजार रूपए के असली नोट मिलने वाले थे।

 

यह सामान हुआ बरामद


पुलिस ने बुधवार को चतरगढपट्टी स्थित बलवंत के मकान पर छापा डालकर बलवंत और विनोद कुमार को गिरफ्तार करने के साथ 40 हजार रूपए के नकली करेंसी नोट, ऐसे 54 पेज जिन पर नकली नोट अधूरे बने हुए थे। एक कम्प्यूटर मॉनीटर, एक प्रिंटर, एक सीपीयू,नकली नोट बनाने के उपकरण व नकली नोट बनाने के काम आने वाला कागज बरामद किया था।

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