पंजाब:नशा मुक्ति केन्द्र पर पीडितों ने अफसरों के सामने किया "पुलिस-तस्कर गठजोड़" समेत इन चौंका देने वाली बातों को उजागर

हाल ही एक नशा मुक्ति केन्द्र पर पहुंचे प्रदेश के अफसरों को पीडितों ने जो कहानी सुनाई है, वह चौकाने वाली है

By: Prateek

Published: 22 Jul 2018, 05:15 PM IST

(चंडीगढ): पंजाब में जब भी नशे का मुद्दा उठाया जाता है सरकार इसे राजनीतिक रंग में ढाल देती है और गिरफ्तार किए गए तस्करों की संख्या का हवाला देकर जिम्मेदारी से हाथ झाड़ लेती है। सरकार का यह रवैया हालत में कोई बदलाव नहीं ला रहा है। हाल ही एक नशा मुक्ति केन्द्र पर पहुंचे प्रदेश के अफसरों को पीडितों ने जो कहानी सुनाई है, वह चौकाने वाली है।


ड्रग की समस्या से निपटने को पड़ोसी राज्यों से मांगी मदद

पीडितों का कहना है कि पंजाब में पुलिस और तस्करों का गठजोड अभी टूटा नहीं है। उधर पंजाब पुलिस ने दिल्ली में यूगांडा की एक महिला को गिरफ्तार कर खुलासा किया है कि विदेशी भी ड्रग तस्करी कर रहे हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री ने ड्रग तस्करों पर कार्रवाई के लिए हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान व जम्मू-कश्मीर से भी मदद मांगी है।

 

पंजाब पुलिस के आईपीएस अधिकारी भी ड्रग तस्करों से सांठगांठ के आरोपों के चलते जांच के घेरे में हैं। अब इस नशामुक्ति केन्द्र पर पंजाब के कई जिलों के पीडितों ने अफसरों को बताया है कि हाल ही ड्रग डोज से युवाओं की मौत के बाद राज्य सरकार के स्तर पर मची खलबली और सख्ती के बाद भी पुलिस-तस्कर गठजोड टूटा नहीं है। पंजाब में राजनेताओं पर भी ड्रग माफिया को संरक्षण देने के आरोप लगते रहे हैं।

 

यह कहना है नशा पीड़ितों का

संगरूर के रेडक्रास नशामुक्ति केन्द्र पर कई जिलों के नशा पीड़ित इलाज करवा रहे हैं। वहां पहुंचे पंजाब के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डाॅ निर्मलजीत सिंह कलसी को नशा पीडितों ने बताया कि प्रदेश में ड्रग तस्करों व पुलिस का गठजोड अभी टूटा नहीं है। उन्होंने बताया कि तस्करों के बारे में कोई जानकारी दिए जाने पर पुलिस उन पर कोई कार्रवाई करने के बजाय उलटे उन्हें प्रताड़ित करती है। पुलिस के इस रवैये के कारण अब भी आदत पैदा करने वाली ड्रग्स आसानी से मिल जाती है। कलसी व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने नशा पीडितों से करीब एक घंटा सीधी बातचीत की। नशा पीड़ितों ने इन अफसरों को हरियाणा से पंजाब को होने वाली शराब की तस्करी की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस को ड्रग तस्करों के बारे में पूरी जानकारी है और समस्या के समाधान के लिए पुलिस मशीनरी को ठीक करने की जरूरत है। हालांकि कलसी ने इन नशा पीडितों से कहा कि राज्य सरकार नशामुक्ति और पुनर्वास के विशेष प्रयास कर रही है। नशे से मुक्त होने पर वे ड्रग्स के खिलाफ चेतना पैदा करने का काम करें। सरकार की ओर से उन्हें भरपूर सहायता दी जाएगी।

 

विदेशी भी हैं ड्रग तस्करी में लिप्त

दूसरी ओर पंजाब की स्पेशल टास्क फोर्स ने दिल्ली से यूगांडा की नागरिक राबिया को ड्रग तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया है। राबिया से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर एसटीएफ ने पंजाब के तरणतारण-पट्टी रोड स्थित एक स्थान से एक किलो हेरोइन बरामद की है। नाइजीरियाई ड्रग तस्कर तो पहले से पकड़े जाते रहे हैं। हाल ही हरियाणा के रोहतक में एक अफ्रीकी हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था। वह महर्षि दयानन्द यूनिवर्सिटी के छात्रों को हेरोइन बेचने जा रहा था।

 

हिमाचल प्रदेश के गांवों से भी सप्लाई की जा रही ड्रग

हिमाचल प्रदेश के गांवों से भी ड्रग सप्लाई की जा रही है। हिमाचल के कांगड़ा जिले के भदरोया व छन्नी बेली गांवों मं जब हाल में पंजाब की पठानकोट पुलिस ने कांगडा पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी की, तो गांवों के नब्बे फीसदी लोग अपने घरों पर ताले लगाकर भाग खड़े हुए। पुलिस के अनुसार इन गांवों के लोग तस्करों को अपने घरों में ठहराते हैं। पठानकोट पुलिस के अनुसार लोगों के गांव छोड़ने का मतलब है कि वे ड्रग तस्करी में लिप्त हैं। अब इन लोगों के नए ठिकानों का पता लगाया जा रहा है। इनमें ज्यादातर लोग सांसी जनजाति के हैं, जो अवैध शराब बनाते हैं। जब इनका अवैध शराब बनाने का धंधा बंद करवा दिया गया, तो ये पंजाब के दीनानगर,बटाला और गुरदासपुर इलाकों में हेरोइन बेचने लगे।

 

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