मेडिकल कॉलेज में सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को 10 प्रतिशत आरक्षण

तमिलनाडु विधानसभा में बिल पेश : एआईएडीएमके सरकार ने सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेज में १० प्रतिशत आंतरिक आरक्षण देने का निर्णय किया है। तत्संबंधी विधेयक कलैवानर अरंगम में आहूत तमिलनाडु विधानसभा के संक्षिप्त सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को मुख्यमंत्री एडपाड़ी के. पलनीस्वामी ने पेश किया।

By: MAGAN DARMOLA

Published: 15 Sep 2020, 07:41 PM IST

चेन्नई. तमिलनाडु के सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए खुशखबर है। एआईएडीएमके सरकार ने सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेज में १० प्रतिशत आंतरिक आरक्षण देने का निर्णय किया है। तत्संबंधी विधेयक कलैवानर अरंगम में आहूत तमिलनाडु विधानसभा के संक्षिप्त सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को मुख्यमंत्री एडपाड़ी के. पलनीस्वामी ने पेश किया।

जून महीने में एआईएडीएमके सरकार ने सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को यह सौगात देते हुए एक अध्यादेश जारी किया था। अध्यादेश जारी होने के छह महीने के भीतर इसे विधेयक रूप में विधानसभा में पेश करना होता है।

मुख्यमंत्री पलनीस्वामी ने इस औपचारिकता को पूरा करते हुए मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के भीतर नीट पास सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेज में दस प्रतिशत का आरक्षण देने की व्यवस्था की। पलनीस्वामी ने बिल पेश करते हुए कहा कि इसके जरिए मेडिकल की पढ़ाई में तमिलनाडु के विद्यार्थियों को प्राथमिकता मिलेगी।

भीतरी आरक्षण की यह व्यवस्था मौजूदा अकादमिक सत्र से लागू हो जाएगी। कलैअरसन समिति ने सिफारिश थी कि एमबीबीएस दाखिले में सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को आरक्षण दिया जा सकता है। उस अनुशंसा के आधार पर सरकार ने यह निर्णय किया है।

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