अभी भी बाकी है उपभोक्ताओं का 100 फीसदी कवरेज

केंद्र सरकार की ऊर्जा मित्र योजना की दृष्टि से तमिलनाडु अव्वल है लेकिन विडम्बना यह है कि इस योजना के तहत ऊर्जा उपभोक्ताओं के...

By: मुकेश शर्मा

Published: 07 Jun 2018, 10:38 PM IST

चेन्नई।केंद्र सरकार की ऊर्जा मित्र योजना की दृष्टि से तमिलनाडु अव्वल है लेकिन विडम्बना यह है कि इस योजना के तहत ऊर्जा उपभोक्ताओं के मोबाइल नम्बर इंद्राज करने का सौ फीसदी कवरेज अभी तक पूरा नहीं हो सका है। इसकी प्रमुख वजह से स्पष्ट रूप से ५४ लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने मोबाइल नम्बर की जानकारी देने से इनकार कर दिया है।

तमिलनाडु डिस्कॉम (तांजेडको) मोबाइल नंबर सारिणी तैयार करने में लगा है। साथ ही वितरण ट्रांसफार्मर्स की मैपिंग और आउटेज मैनेजिंग सिस्टम के क्रियान्वयन का कार्य भी कर रहा है। उसके सामने बड़ी दिक्कत यह है कि घरेलू, झुग्गियों, औद्योगिक, कृषि और वाणिज्यिक आपूर्ति करने वाले उपभोक्ताओं में से ८१ प्रतिशत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की ही मैपिंग हो सकी है जो चिंता का विषय है।

तांजेडको के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार राज्य में २.८६ करोड़ उपभोक्ता हैं। डिस्कॉम ने २.३२ करोड़ उपभोक्ताओं के विवरण इंद्राज कर दिए है। महानगर के साढ़े बयालीस लाख उपभोक्ताओं उपभोक्ताओं की जनवरी २०१८ तक मैपिंग की जा चुकी है। साथ ही छह लाख उपभोक्ताओं का डाटा आरईसी ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट को भेजा जा चुका है।

ऊर्जा मित्र योजना केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यक्रम है जिसके तहत उपभोक्ताओं को घोषित और अघोषित ऊर्जा कटौती (आउटेज) की सूचना एसएमएस के जरिए दी जा सके। ऊर्जा मित्र एंड्रॉयड और आईओएस प्लेटफार्म पर भी उपलब्ध है। कटौती की जानकारी ऊर्जामित्र की वेबसाइट पर भी देखी जा सकती है।

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि केंद्र सरकार की समर्थित इस योजना का उद्देश्य अनुरक्षण के नाम पर शटडाउन और अघोषित कटौतियों को लेकर पारदर्शिता लाना है।

इस प्रोजेक्ट के तहत तांजेडको अधिकारियों ने पूरे राज्य के विद्युत वितरण नेटवर्क का खाका जुटाया है। कम्प्यूटर में ७०६५ फीडर्स और २ लाख ३५ हजार ३९६ ट्रांसफार्मर्स के विवरण भरे गए हैं फिर इनको कोड देकर यूनिक कंज्यूमर नम्बर से जोड़ा गया है जिनको बाद में उपभोक्ताओं मोबाइल नम्बर से सन्नद कर दिया गया। इस तरह बिजली कटौती के वक्त उपभोक्ताओं को मोबाइल पर एसएमएस भेजा जाएगा।

भले ही डिस्कॉम पारदर्शिता की ताल ठोके लेकिन उपभोक्ताओं में इस सुविधा से मिली-जुली प्रतिक्रिया हासिल हुई। कुछ का कहना है कि उनके पास आज तक कटौती को लेकर कोई एसएमएस नहीं आया है।
दक्षिण चेन्नई के सामाजिक कार्यकर्ता वी. रामाराव को शिकायत है उनके मोबाइल नम्बर नंगनल्लूर ईबी कार्यालय में रजिस्टर होने के बाद उनको बिजली कटौती का कोई संदेश नहीं आता है।

कुछ उपभोक्ताओं को यह शिकायत थी कि उनको एसएमएस तो आते हैं लेकिन ये संदेश कटौती के कुछ मिनट पहले अथवा बिजली गुल होने के बाद आते हैं। उनका सुझाव था कि ऐसी सूचना कटौती से कम से कम तीन घंटे पहले आनी चाहिए।

मुकेश शर्मा Reporting
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