2018 के अंत तक 200 बैटरी संचालित बसों का होगा संचालन : परिवहन मंत्री

नोएडा में ऑटो एक्सपो २०१८ का अवलोकन करने के बाद पत्रकारों से वार्ता में मंत्री ने यह जानकारी दी

By: P S Kumar

Published: 10 Feb 2018, 06:13 PM IST

चेन्नई. परिवहन मंत्री एम. आर. विजयभास्कर का कहना है कि महानगर में इस साल के अंत तक २०० बैटरी संचालित बसों के संचालन को लेकर उपाय किए जा रहे हैं।


नोएडा में ऑटो एक्सपो २०१८ का अवलोकन करने के बाद पत्रकारों से वार्ता में मंत्री ने यह जानकारी दी। यह एक्सपो शुक्रवार को शुरू हुआ। इस एक्सपो में कई ऑटोमोबाइल कंपनियों ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए हैं। एक्सपो में तीन मिनट में चार्ज होने वाली बैटरी चलित कारें, बाइक व बसें भी प्रदर्शित की गई हैं।


१४ फरवरी तक चलने वाली इस प्रदर्शनी को देखने विभिन्न राज्यों के परिवहन मंत्रियों का न्यौता दिया गया है। तमिलनाडु के परिवहन मंत्री विजयभास्कर ने भी इस प्रदर्शनी को देखा।


अवलोकन के बाद पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि इसमें भावी पीढ़ी की आवश्यकता को ध्यान में रखते इलेक्ट्रिक बाइक, कार व बसों को प्रदर्शित किया गया है। तमिलनाडु में बिजली आधारित बैटरी से संचालित बसों की आवाजाही को लेकर उपाय किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के भूतल परिवहन मंत्रालय से हमने २०० बैटरी संचालित बसों की खरीद के लिए वित्तीय मदद देने का आग्रह किया है। केंद्र सरकार से इस सिलसिले में सकारात्मक आश्वासन मिला है। बैटरी चलित बसों की लागत ज्यादा है। ये बसें नई तकनीक और सुविधाओं से लैस हैं। चार बैटरीयुक्त बस २५० किमी तक की दूरी तय कर सकती है लेकिन इनका वजन अधिक होता है। इनमें ऑटोमैटिक बैटरी प्रतिस्थापित होने की भी व्यवस्था है। प्रदर्शनी में ५० किमी तक की बैटरी चलित बसों को भी प्रदर्शित किया गया है जिनमें एक बैटरी काफी है। ध्वनि व वायु प्रदूषण रहित ऐसी बसों का भविष्य में उपयोग बढ़ेगा।


तीन मिनट में चार्ज
बैटरी चलित बसों की विशेषता के बारे में मंत्री ने बताया कि सामान्यत: एक बस में डीजल भराने के लिए ७ से १० मिनट लगते हैं। लेकिन इन बसों की बैटरी तीन मिनट में रीचार्ज हो जाती है। इनके रख-रखाव का खर्च भी कम है। हमारा इरादा है कि इस साल के अंत तक ऐसी २०० बसों का चेन्नई में संचालन किया जाए। इन बसों की खरीद पर केंद्र सरकार से ५० फीसदी का अनुदान मिलता है। वित्तीय मदद की मांग को लेकर हमने केंद्र सरकार को फाइल भेजी है। केंद्रीय सहायता को हासिल करने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।

P S Kumar Editorial Incharge
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