प्रभावित जिलों में 70 फीसदी बिजली आपूर्ति : तंगमणि

ऊर्जा मंत्री पी. तंगमणि का कहना है कि राज्य के गाजा प्रभावित नागपट्टिनम, तंजावुर, तिरुवारूर और पुदुकोट्टै जिलों में ७० फीसदी बिजली आपूर्ति की जा रही है।

By: मुकेश शर्मा

Published: 19 Jan 2019, 11:30 PM IST

चेन्नई।ऊर्जा मंत्री पी. तंगमणि का कहना है कि राज्य के गाजा प्रभावित नागपट्टिनम, तंजावुर, तिरुवारूर और पुदुकोट्टै जिलों में ७० फीसदी बिजली आपूर्ति की जा रही है।
नवम्बर महीने में आए गाजा तूफान ने इन जिलों में भारी तबाही मचाई थी। तूफान की वजह से लाखों पेड़ गिर गए थे साथ ही हजारों बिजली के खंभे भी उखड़ गए थे। इस वजह से इन जिलों में लोगों के रातें बिना बिजली के कट रही हैं। बिजली विभाग के हजारों कर्मचारी इन जिलों में खंभे और ट्रांसफार्मर लगाने में जुटे हैं। केेंद्र सरकार से भी करीब ३०० करोड़ रुपए की राशि बिजली व्यवस्था को सुचारू करने के लिए आवंटित हुई है।

इस पृष्ठभूमि में मंत्री ने बताया कि तिरुवारूर जिले में २६७६ चिकित्सा शिविर लगाए गए जिनमें २ लाख लोगों का इलाज हुआ। १५२ पशु चिकित्सा शिविरों का भी आयोजन हुआ जिनमें २५५०४ मवेशियों का परीक्षण किया गया।

किसानों को हुई क्षति की भरपाई के बारे में उन्होंने बताया कि ताड़ के किसानों को ऐसे ताड़ के पौधों की किस्म उपलब्ध कराई जाएगी जो तीन साल में विकसित हो जाएंगे। नागपट्टिनम, तंजावुर, तिरुवारूर और पुदुकोट्टै जिलों में ७० फीसदी बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई है।

केंद्र सरकार से वित्तीय मदद पर उनका कहना था कि अतिरिक्त सहायता हासिल करने के लिए एआईएडीएमके सरकार संघर्ष करेगी।

मंत्री के टेंडरराज की जांच हो : अन्बुमणि

उच्च शिक्षा मंत्री. केपी अन्बझगन पर पीएमके ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। पार्टी की युवा इकाई के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री डा. अन्बुमणि रामदास का कहना है कि मंत्री के टेंडरराज की जांच होनी चाहिए। लोकसभा सांसद अन्बुमणि ने वक्तव्य में आरोप लगाया कि उच्च शिक्षा के विकास की योजनाओं को लागू करने पर ध्यान देने के बजाय उच्च शिक्षा मंत्री और उनका परिवार धर्मपुरी में सरकारी टेंडर हासिल करने के लिए डरा-धमका रहा है। इस अवैध आचरण को रोकने का माद्दा रखना वाला जिला प्रशासन और वरिष्ठ मंत्रीगण भी उनके साथ ही खड़े दिखाई दे रहे हैं। उनका कानून की खिल्ली उड़ाना आलोचनीय है।

पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि धर्मपुरी में सरकारी भवन निर्माण, हाईवे बिछाने का कार्य, जलस्रोतों की सफाई हो अथवा अन्य कोई भी कार्य इन कार्यों का ठेका या तो मंत्री परिवार उठाता है अथवा उनके नाम से कोई बेनामी शख्स यह कार्य करता है। इस सिलसिले में वे आंकड़ों के साथ आरोप लगा चुके हैं। अन्बुमणि ने एक नया आरोप भी लगाया कि किस तरह एक ठेकेदार को आवंटित कार्य को मंत्री ने अपने पद का दुरुपयोग कर रुकवा दिया ताकि उनके परिजनों को अधिक कीमत पर इसका टेंडर मिल सके। अन्बुमणि ने मांग की कि टेंडर आवंटन के ऐसे कई मामले हैं जिनकी जांच होनी चाहिए ताकि जनता को सच्चाई का पता चल सके।

मुकेश शर्मा Reporting
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