सड़कें बन गई रेस टै्रक, आतंकित लोग दस दिन में ९ दुर्घटनाएं

अनियंत्रित भागते वाहन

By: P S Kumar

Published: 13 Mar 2018, 07:59 PM IST

तिरुचि. बेतरतीब और अनियंत्रित वाहन चालकों ने सड़क पर चलने वाले लोगों में दहशत पैदा कर दी है। शहर की सड़कें उनको रेस ट्रैक लगने लगी है। लिहाजा सड़क दुर्घटनाओं के मामले भी बढऩे लगे हैं। इन सड़क दुर्घटनाओं में कई को गंभीर चोटें आई हैं तो कुछ लोगों की जान भी चली गई।


शहर पुलिस की नैत्यिक स्थिति रिपोर्ट (डीएसआर) के अनुसार मार्च महीने के पहले १० दिन में ९ दुर्घटनाएं हुई हैं। इनमें से अधिकांश ओवर स्पीड के मामले हैं। बेकाबू होकर गाड़ी भगाने वाले वाहकों का कहना है कि यातायात विभाग ने गति मानक निर्धारित नहीं किए है। साथ ही चेतावनी के साइन बोर्ड भी गायब है।


पुलिस के अनुसार पूरे जिले में सड़क दुर्घटनाओं में २० जनों की मौत हुई और अधिकतर मामले तेज गति वाले थे। बहरहाल, ग्रामीण और शहरी इलाकों में ऐसे मामलों को नियंत्रित व नियमित करने के उपाय किए गए हैं लेकिन सही मायने में ये नाकाफी साबित हुए हैं।
शहर निवासी पी. संतोष के अनुसार अधिकतर शहरी सड़कों पर साइन बोर्ड नहीं है। जनता को स्पीड जोन का पता नहीं है और कुछ वाहन चालक ऑफिस पहुंचने की जल्दी में एक्सीलेटर से पैर ही नहीं हटाते। वे अच्छी बाइक चलाते हैं लेकिन इसके बाद भी तेजी की वजह से अनियंत्रित होकर कार से जा भिड़े थे तथा उनको गंभीर चोट लगी थी। उनका आग्रह था कि संबंधित विभाग स्पीड सीमा के साइनबोर्ड लगाए और पुलिस भी यातायात नियमन में रुचि ले।


एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार शहर में गति सीमा की समीक्षा के लिए नियमित जांच होती रहती है। पुलिस ने उन जगहों की पहचान कर ली है जहां साइन बोर्ड लगेंगे लेकिन हाईवे व तिरुचि कार्पोरेशन से अभी अनुमति नहीं मिली है। नई व्यवस्था के तहत स्पीड लिमिट के बारे में बताने के लिए ओल्ड करूर बाईपास रोड, हैड पोस्ट ऑफिस व अन्य जगहों पर विशेष ऑडियो एलईडी बोर्ड लगेंगे। उन चालकों पर कड़ी कार्रवाई होगी जो नियमों का उल्लंघन करते हैं।


एक वरिष्ठ जिला अधिकारी के अनुसार ११ हाईवे पेटरोल गाडिय़ां ग्रामीण इलाकों में यातायात पर निगरानी रखे हैं। अवैध वाहन पार्किंग, बसों का नियत स्टॉप पर नहीं रुकना और तेज गाडिय़ां भगाना आदि यातायात उल्लंघन के सामान्य मामले हैं। जनता और राहगीरों को इनसे असुविधा होती है। साथ ही हर रोज शहर में वाहनों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। नतीजतन सड़कों पर वाहनों की गति घटी है और जाम की स्थिति पैदा हुई है।


स्थानीय निवासी कुमार के अनुसार सड़क पर सबसे बड़ा खतरा गलत दिशा से आने वाले बाइकर्स और वाहन चालक होते हैं। वे शांति से सड़क पर गाड़ी नहीं चला सकते। तेण्णूर, पालकरै, एनएसबी रोड, सेंट्रल बस स्टैंड, मरसिंगपेट और गुडशेड ब्रिज ऐसे इलाके हैं जहां नियमित तौर पर यातायात नियमों का उल्लंघन होता है। सड़क के बीच में विभाजक नहीं है इससे स्थिति और संकटपूर्ण हो जाती है।

P S Kumar
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