वेलूर जिले में 9054 ने दी नीट परीक्षा

देश भर में रविवार को चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अनिवार्य की गई नीट परीक्षा आयोजित की गई। तमिलनाडु में नीट परीक्षा में विभिन्न परीक्षा केन्

By: Ritesh Ranjan

Published: 06 May 2018, 09:49 PM IST


वेलूर. देश भर में रविवार को चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अनिवार्य की गई नीट परीक्षा आयोजित की गई। तमिलनाडु में नीट परीक्षा में विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर 1 लाख 7 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए। वेलूर जिले के 14 परीक्षा केन्द्रों पर 9054 अभ्यर्थी शामिल हुए। जिला प्रशासन ने नीट परीक्षा को देखते हुए सभी परीक्षा केन्द्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया था। नकल की रोकथाम के लिए 14 परीक्षा केन्द्रों पर 800 पर्यवेक्षक व 21 उडऩदस्तों की तैनाती की गई। परीक्षार्थियों को कड़ी जांच के बाद ही अन्दर प्रवेश दिया गया। कान में पहनने वाली बाली, गले की चेन, घड़ी, जूते, मोजे, बेल्ट, पानी की बोतल परीक्षा केन्द्र पर ले जाने की मनाही थी।

नीट दे रहे विद्यार्थियों से मिली सौंदरराजन
वेलूर. तमिलनाडु भाजपा प्रदेशाध्यक्ष तमिलइसै सौंदरराजन ने नीट की परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। बेंगलूरु चुनाव प्रचार करने जा रही सौंदरराजन ने वेलूर के एक परीक्षा केन्द्र के बाहर परीक्षार्थियों एवं अभिभावकों से मुलाकात की। उन्हें बताया गया कि नीट के लिए केरल एवं महाराष्ट्र में अधिक परीक्षा केन्द्र रखे गए जबकि तमिलनाडु में अपेक्षाकृत परीक्षा केन्द्रों की संख्या कम थी। इससे छात्रों को दुविधा हुई।

 

 

 

वेलचेरी मेन रोड़ के गड्ढों ने बढ़ाई चालकों की मुसीबत
चेन्नई. राज्य सरकार और ग्रेटर चेन्नई कार्पोरेशन भले ही सडक़ों से सीवरों तक में सुधार का दावा कर रहा हो लेकिन हकीकत यही है कि अभी भी महानगर की कई सडक़ें जर्जर तो सीवर बीमार पड़े हुए हैं। सडक़ों की जर्जरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पल्लीकरणै की गड्ढेदार वेलचेरी मेन रोड पर गाड़ी चलाने से पहले लोग एक बार जरूर अपने भगवान को याद करते लेते हैं।
वेलचेरी, पल्लावरम, आईटी कॉरिडोर तथा पल्लीकरणै की यात्रा को आसान बनाने के उद्देश्य से निर्मित यह सडक़ इन ऊबड़-खाबड़ गड्ढों की वजह से परेशानी का सबब बन चुकी है। कई बार तो माम्बक्कम झील से जलापूर्ति करने वाले पानी के टैंकरों के इस रास्ते से होकर गुजरने की वजह से इस पर पानी भी फैल जाता है। पानी फैलने की वजह से इस मार्ग पर गाडिय़ों के फिसलने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि महानगर के कई प्रमुख इलाकों को जोडऩे के चलते इस रोड़ पर वाहनों की भारी भीड़ लगी रहती है जिसके चलते कई बार लोगों को जाम की समस्या से भी दो-चार होना पड़ता है।
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि इस बीमार रास्ते पर दोपहिया वाहन चलाना मतलब खतरे को निमंत्रण देना है। प्रशासन को इसे गंभीरता से लेते हुए इस मार्ग को जल्द से जल्द ठीक करने के जरूरी कदम उठाना चाहिए। एक वाहन चालक ने बताया कि इस रास्ते पर बाइक चलाना तो मुश्किल है ही चार पहिया चलाना भी आसान काम नहीं है।

Ritesh Ranjan Reporting
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