दृष्टिहीन महिला ने सामान्य दृष्टि के बच्चे को दिया जन्म

दृष्टिहीन महिला ने सामान्य दृष्टि के बच्चे को दिया जन्म

Santosh Tiwari | Publish: Jul, 13 2018 10:11:11 PM (IST) Chennai, Tamil Nadu, India

इन विट्रो फर्टिलाइजेशन इलाज के जरिए हुआ संभव

चेन्नई. राज्य में ऐसा पहली बार हुआ है जब एक दृष्टिहीन महिला ने स्वस्थ व सामान्य बच्चे को जन्म दिया है। बच्चे की दृष्टि सामान्य है। यह संभव हुआ है आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) इलाज के जरिए जिसमें दंपती के एग का प्रयोग किया गया है। इश्वरया फर्टिलिटी सेंटर, अडयार में उनका इलाज किया गया है। दृष्टिहीन दंपती ए.कावेरी (38) और डी.सतीश कुमार (38) विल्लुपुरम के रहने वाले हैं। दंपती का सपना था कि उनका एक बच्चा हो जो उनकी वृद्धावस्था में देखभाल करे। सेंटर में इनका प्रभावी विशेष फर्टिलिटी ट्रीटमेंट किया गया। प्रसव से पहले बेहतर देखभाल से ऐसा संभव हुआ। दंपती की शादी सात साल पहले हुई थी।

  • ऐसा कम ही होता है जब दृष्टिहीन दंपती के बच्चे सामान्य दृष्टि वाले हों

सेंटर की निदेशक डा.चंद्रलेखा ने संवाददाताओं को बताया कि ऐसा कम ही होता है जब दृष्टिहीन दंपती के बच्चे सामान्य दृष्टि वाले हों। अधिकांश मामलों में दृष्टिहीनता माता-पिता से बच्चे में संचरित हो जाती है। इस मौके पर सेंटर के मेडिकल डाइरेक्टर डा.वी. अरुण मुतुवेल ने कहा कि दंपती के एग एवं शुक्राणु का प्रयोग किया गया।

  • निर्मला देवी के विरुद्ध चार्जशीट दायर

चेन्नई. मदुरै कामराज यूनिवर्सिटी की सहायक प्रोफेसर निर्मला देवी के खिलाफ विरुदुनगर अदालत में चार्जशीट दायर की गई। निर्मला देवी के विरुद्ध जांच कर रही सीबी-सीआईडी ने 1160 पेज की चार्जशीट प्रस्तुत की।
गौरतलब है कि विरुदुनगर के अरुप्पुकोट्टै स्थित एक निजी महाविद्यालय के प्रबंधन ने कुछ छात्राओं की शिकायत के आधार पर कार्यरत सहायक प्रोफेसर निर्मला देवी को निलंबित कर दिया गया था। छात्राओं ने आरोप लगाया था कि वे उनको अच्छे अंक प्राप्त करने और पैसे कमाने का लालच देकर मदुरै कामराज विश्वविद्यालय के उच्चाधिकारियों के साथ अनैतिक कार्य करने के लिए कहती थी। शिकायत के बाद स्थानीय पुलिस ने प्रोफेसर को गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में तमिलनाडु पुलिस महानिदेशक टी.के. राजेन्द्रन ने मामले को जांच के लिए सीबी-सीआईडी को सौंप दिया।

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