कोरोना महामारी के बीच संपर्क का माध्यम वेबिनार

एजुकेशन से लेकर कार्पोरेट तक कर रहे उपयोग

By: Ashok Rajpurohit

Published: 10 Jul 2020, 11:25 PM IST

चेन्नई. कोरोना ने लोगों को जीवनशैली और तौर-तरीका बदलने पर मजबूर कर दिया। शिक्षा में भी इस दौरान खूब परिवर्तन देखने को मिले। इसमें से एक है आधुनिक शिक्षा में वेबिनार का उपयोग। शिक्षण संस्थान के साथ ही विभिन्न सभा-संगठनों की ओर से वेबिनार के माध्यम से कार्यक्रमों का आयोजन बखूबी जारी रखा गया। अब जबकि आनलाइन पढ़ाई को लेकर नफे-नुकसान की बातें हो रही है और इस बीच वेबिनार ने लोगों के बीच खासी जगह बना ली है।
ऑनलाइन प्लेटफार्म
कोरोना काल में आनलाइन बदलाव अधिक देखने को मिला। शिक्षण संस्थान बन्द होने से वेबिनार शिक्षकों व छात्रों के बीच एक माध्यम बना। चाहे शिक्षा का मामला हो या फिर कारोबार की बात। वेबिनार ने लोगों के बीच दूरियां कम करने का काम किया। देखा जाए तो वेबिनार एक तरह की सेमीनार ही है लेकिन फर्क सिर्फ इतना ही है कि यह ऑनलाइन प्लेटफार्म पर होती है।
अपने अनुसार चयन
वेबिनार में हम समय, तारीख व खास बिन्दु अपने अनुसार चयन कर सकते हैं। लोगों के इन चीजों के बारे में सूूचित करने पर वे वेबिनार से आसानी से जुड़ सकते हैं। वेबिनार के जरिए कोई कहीं भी हो, उसे अटेंड कर सकता है। वह अपने पसंद के टापिक में हिस्सा ले सकता है।
काफी किफायती
वेबिनार काफी किफायती साबित हो रहा है। उच्च शिक्षा में नियमित पाठ्यक्रम के लिए भारी-भरकम शुल्क अदा करना होता है लेकिन वेबिनार के जरिए बिना कोई राशि खर्च किए विभिन्न तरह के पाठ्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। वेबिनार में सवाल पूछने की झिझक कम रहती है। वेबिनार एक आनलाइन सेमीनार है। इसमे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या ट्वीयर का उपयोग किया जाता है।

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रिकार्ड व अपलोड करना संभव
इसमें आडियो, दस्तावेज व एप्लीकेशन भी साझा किए जा सकते हैं। इस रिकार्ड करके बाद में यूट्यूब या अन्य माध्यम से भी प्रसारित किया जा सकता है। कई कंपनियां भी वेबिनार के माध्यम से अपने कर्मचारियों से संपर्क में रहती है। यह मार्केटिंग में भी उपयोग साबित हो रहा है।
डा. पी.बी. वनिता, उप प्राचार्य, श्री कन्यका परमेश्वरी कला एवं विज्ञान महिला महाविद्यालय, चेन्नई

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अद्भुत व नया अनुभव
मौजूदा दौर में वेबिनार काफी हद तक उपयोगी है। इस समय न कहीं बाहर जा सकते हैं और न ही लोगों से मिल सकते हैं। ऐसे में वेबिनार का आयोजन करके एक-दूसरे से जुड़ा जा सकता है। इससे हमें बहुत सी जानकारी भी मिलती है। मैं भी इन दिनों कई वेबिनार का हिस्सा बनी हूं। यह एक अद्भुत और नया अनुभव है।
डा. मिथिलेशसिंह, हिन्दी विभागाध्यक्ष, जीएसएस जैन महिला महाविद्यालय, चेन्नई
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Ashok Rajpurohit
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