एआईएडीएमके ने डीएमके पर मतदाताओं में रिश्वत देने का लगाया आरोप

एआईएडीएमके पार्टी ने सोमवार को चुनाव आयोग से डीएमके पर मतदाताओं में रिश्वत देने का आरोप लगाते हुए राज्य के पांच विधानसभा सीटों के डीएमके उम्मीदवारों की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की।

By: Vishal Kesharwani

Published: 05 Apr 2021, 07:37 PM IST


-स्टालिन समेत पांच उम्मीदवारों की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की
चेन्नई. एआईएडीएमके पार्टी ने सोमवार को चुनाव आयोग से डीएमके पर मतदाताओं में रिश्वत देने का आरोप लगाते हुए राज्य के पांच विधानसभा सीटों के डीएमके उम्मीदवारों की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की। पांच सीटों में कोलात्तूर, जहां से डीएमके अध्यक्ष उम्मीदवार हैं, चेपॉक त्रिप्लीकेन, जहंा से उदयनिधि चुनाव लड़ रहे हैं, तिरुचि वेस्ट, जहां से केएन नेहरु चुनाव लड़ रहे हैं, काटपाड़ी, जहां से के. अनबझगन चुनाव लड़ रहे हैं और तिरुवन्नमालै, जहां से इवी वेलु लड़ रहे हैं, शामिल है।

 

राज्य के मत्स्य पालन मंत्री डी. जयकुमार के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों की एक टीम ने पांचों विधानसभा क्षेत्र में याचिका देकर आरोप लगाया कि डीएमके सदस्यों द्वारा मतदाताओं में रिश्वत दिया जा रहा है, ऐसी परिस्थिति में क्षेत्रों में चुनाव का प्रतिवाद किया जाना चाहिए। एआईएडीएमके ने आरोप लगाया कि इन क्षेत्रों के अलावा अन्य क्षेत्र के मतदाताओं में भी गूगल पे के माध्यम से रिश्वत का वितरण हो रहा है। पत्रकारों से बातचीत में जयकुमार ने आरोप लगाया कि एमके स्टालिन की पत्नी दुर्गा स्टालिन कोलात्तूर के वूमन सेल्फ हेल्फ ग्रुप की प्रत्येक महिलाओं में दस हजार का वितरण कर रही है। कोलात्तूर से संबंधित याचिका में एआईएडीएमके ने आरोप लगाया कि गूगल पे के माध्यम से सभी मतदाताओं को रिश्वत के रूप में 5 हजार दिए जा रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में आयोग को स्टालिन की उम्मीदवारी को रद्द कर देनी चाहिए। चेपॉक त्रिप्लीकेन विस सीट से संबंधित याचिका में एआईएडीएमके ने कहा कि उदयनिधि स्टालिन द्वारा मतदाताओं में दो हजार से पांच हजार तक का रिश्वत बांटा जा रहा है। इसके अलावा गूगल पे के माध्यम से भी 5 हजार का भुगतान किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में ऑनलाइन ट्रांसजेक्शन पर निगरानी रख उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

 

वहीं एक अन्य याचिका में एआईएडीएमके ने आरोप लगाया कि सन न्यून चैनल पर आचार संहित का उल्लंघन करते हुए लगातार प्रतिबंधित वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं। इसलिए आयोग को एक आदेश जारी कर टेलिविजन को प्रतिबंधित वीडियो चलाने से रोकना चाहिए। इससे पहले राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी सत्यव्रत साहू ने बताया कि चुनाव आयोग द्वारा दैनिक आधार पर चुनाव से संबंधित घटनाओं की जानकारी भारत निर्वाचन आयोग को दी जाती है और आयोग अंतिम निर्णय लेगी।

Vishal Kesharwani
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