- सीएम पर भ्रष्टाचार का आरोप डीवीएसी को १७ सितम्बर तक जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश

डीवीएसी की ओर से हाईकोर्ट को कहा गया कि सीएम के समधी को टेंडर आवंटित किए जाने की वजह से उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं जबकि सीएम के समधी बनने से पहले १९९० से वे सडक़ निर्माण कार्य करते आ रहे हैं। इसके अलावा २६ जुलाई २०१८ को भ्रष्टाचार रोकथाम कानून में किए गए संशोधन के तहत सीएम के खिलाफ प्रारंभिक जांच के लिए भी सरकार की अनुमति आवश्यक है

Purushotham Reddy

September, 1303:52 PM

Chennai, Tamil Nadu, India

चेन्नई. मद्रास उच्च न्यायालय ने सतर्कता व भ्रष्टाचाररोधी निदेशालय (डीवीएसी) को निर्देश दिया है कि वह मुख्यमंत्री ईके पलनीस्वामी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच रिपोर्ट १७ सितम्बर तक पेश करे।
तमिलनाडु में हाईवे निर्माण टेंडर आवंटन में ४८०० करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप है। डीएमके के संगठन सचिव व राज्यसभा सांसद आर. एस. भारती ने डीवीएसी द्वारा सीएम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच करने की मांग को लेकर मद्रास उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।
न्यायाधीश ए. डी. जगदीशचंद्र ने इस याचिका पर बुधवार को फिर सुनवाई की। याची आर. एस. भारती ने कोर्ट में एक और अर्जी भी दायर की। उसमें याची ने कहा कि उनकी पहली याचिका पर सरकार ने सफाई दी थी कि २२ जून को ही मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इसके बाद २८ अगस्त को जांच रिपोर्ट डीवीएसी निदेशक को भेज दिए जाने की बात कही गई।
वादी ने दलील रखी कि मुख्यमंत्री के नियंत्रण वाली डीवीएसी द्वारा अगर उनके खिलाफ पड़ताल की जाएगी तो सच्चाई से पर्दा हटना मुश्किल होगा। उनकी मांग है कि मुख्यमंत्री पर आरोपित टेंडर घोटाले की जांच के लिए निष्पक्ष व स्वतंत्र एसआईटी का गठन कराकर पड़ताल कराई जाए। यह एसआईटी हाईकोर्ट के प्रत्यक्ष नियंत्रण में जांच कार्रवाई करे।
जज ने दलील सुनने के बाद डीवीएसी को निर्देश दिया कि वह १७ सितम्बर तक व्यापक जांच रिपोर्ट पेश करे। इससे पहले डीवीएसी के अधिवक्ताओं ने भी ठोस नजीरें पेश की।
डीवीएसी की ओर से हाईकोर्ट को कहा गया कि सीएम के समधी को टेंडर आवंटित किए जाने की वजह से उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं जबकि सीएम के समधी बनने से पहले १९९० से वे सडक़ निर्माण कार्य करते आ रहे हैं। इसके अलावा २६ जुलाई २०१८ को भ्रष्टाचार रोकथाम कानून में किए गए संशोधन के तहत सीएम के खिलाफ प्रारंभिक जांच के लिए भी सरकार की अनुमति आवश्यक है। सीएम के खिलाफ जोर-शोर से आरोपबाजी करने मात्र से एफआईआर दर्ज किए जाने की उम्मीद करना गलत है।

PURUSHOTTAM REDDY
और पढ़े
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned