जीवन में हैड, हार्ट और हैंड को सदा पवित्र रखें - राष्ट्र-संत चन्द्रप्रभ

Arvind Mohan Sharma

Publish: Jan, 13 2018 06:00:53 PM (IST)

Chennai, Tamil Nadu, India
जीवन में हैड, हार्ट और हैंड को सदा पवित्र रखें - राष्ट्र-संत चन्द्रप्रभ

वेल्लोर में राष्ट्र-संतों का श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा निकालकर किया स्वागत

वेल्लोर, 13 जनवरी। राष्ट्र-संत चन्द्रप्रभ महाराज ने कहा कि जीवन में तीन एच को हमेशा पवित्र रखिए - हैड, हार्ट और हेंड। हैड में रखिए निर्मल विचार, हैंड में रखिए ईमानदारी और हार्ट में रखिए करुणा और प्यार। उन्होंने कहा कि अगर आप संसार के एटीएम से प्रेम, शांति और आनंद का धन निकालना चाहते हैं तो उसका पासवर्ड है ध्यान और प्रार्थना। ध्यान आपको खुद से जोड़ेगा और प्रार्थना आपको परमात्मा से। उन्होंने कहा कि उस स्वर्ग को पाने के लिए धर्म की पनाह मत लीजिए, जो मरने के बाद हमें कहीं और स्वर्ग दिखाए, बल्कि धर्म को जीवन मेंइसलिए अख्तियार कीजिए कि हमारी खुद की धरती स्वर्ग बने। जीवन में 60 साल की उम्र तक तरक्की के लिए हर क्षेत्र में and का इस्तेमाल कीजिए, पर साठ के बाद end का इस्तेमाल करते हुए स्वयं को मुक्ति की ओर ले जाएँ।

 


महीने में चाहे एक बार ही सही,संतजनों की संगत अवश्य कीजिए
संतप्रवर श्री जैन संघ द्वारा षांति भवन में आयोजित प्रवचन कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महीने में चाहे एक बार ही सही,संतजनों की संगत अवश्य कीजिए। संतों की संगत उस इत्र की तरह होती है, जिसे भले ही बदन पर न लगाएँ, तब भी उसकी महक से दिल अवश्य ही आनंदित होता है। याद रखना, भगवान चित्र में नहीं, चरित्र में निवास करते हैं। चित्र तो गधे का भी सुन्दर हो सकता है, पर चरित्र को सुन्दर बनाने के लिए इंसान का अच्छा होना जरूरी है।

 


कभी किसी की निंदा मत कीजिए
उन्होंने कहा कि खान-पान शुद्ध रखिए, इससे आपका खानदान शुद्ध रहेगा। रहन-सहनपवित्र रखिए, इससे आपका चरित्र शुद्ध रहेगा। विचार निर्मल रखिए, इससे आपके संस्कार शुद्ध रहेंगे। आपसे कोई धर्म-कर्म नहीं होता तो कोई बात नहीं, आप कभी किसी की निंदा मत कीजिए, केवल इस एक पुण्य के कारण आपका मरने के बाद देवलोक का इन्द्र बनना तय है। उन्होंने कहा कि सोने से पहले आप किसी की एक गलती को माफ करने का बड़प्पन दिखाइए, भगवान आपके जागने से पहले आपकी 100 गलतियों को माफ करने की उदारता अवश्य दिखाएँगे।

 


जीवन है उपहार प्रभु का इसको रोशन कीजिए...भजन पर झूमे श्रद्धालु-

जब संतप्रवर ने जीवन है उपहार प्रभु का इसको रोषन कीजिए, पहले अपने अंतर्मन को ष्षांति से भर लीजिए... का भजन गाया तो सभी सत्संगप्रेमी आनंद विभोर हो गए। इससे पूर्व राष्ट्र-संत श्री ललितप्रभ सागर महाराज, संत श्री चन्द्रप्रभ महाराज और डॉ. मुनिश्री शांतिप्रिय सागर महाराज के वेल्लोर पहुंचने पर सकल जैन समाज के श्रद्धालुओं द्वारा षोभायात्रा के साथ स्वागत किया गया। भाई-बहनों ने अक्षत उछालकर बधावणा किया और प्रभु के जयकारे लगाए। कार्यक्रम के लाभार्थी रुगजी कन्हैयालाल राजेष कुमार कमल कुमार तलेसरा परिवार का संघ द्वारा माला पहनाकर अभिनंदन किया गया।

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