आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा सिर्फ कांग्रेस ही दिला सकती है

आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा सिर्फ कांग्रेस ही दिला सकती है

Mukesh Kumar Sharma | Publish: Apr, 25 2019 12:03:42 AM (IST) | Updated: Apr, 25 2019 12:03:43 AM (IST) Chennai, Chennai, Tamil Nadu, India

आंध्र प्रदेश के 117वें विधानसभा सभा क्षेत्र नेल्लोर सिटी से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार फैयाज ने शुक्रवार को शहर के वेंकटेशपुरम में अपना

नेल्लोर।आंध्र प्रदेश के 117वें विधानसभा सभा क्षेत्र नेल्लोर सिटी से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार फैयाज ने शुक्रवार को शहर के वेंकटेशपुरम में अपना चुनाव प्रचार किया। इस दौरान पत्रिका टीवी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही दिला सकती है। केंद्र की बीजेपी सरकार ने आंध्र प्रदेश की जनता के साथ जो छल किया है उसके लिए इस बार के चुनाव में जनता उसे सबक जरूर सिखाएगी। 2014 में जनता से वादे कर सत्ता में आने वाली सरकार पर से जनता का विश्वास टूट गया है।

फैयाज ने कहा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सभी नेता और कार्यकर्ताओं को साथ मे लेकर चल रहे हैं। चुनाव में जनता उन्हें आशीर्वाद जरूर देगी और भारी मतों से जीत दिलाएगी। देश की भलाई चाहने वाले सिर्फ कांग्रेस को चुनेंगे।

उन्होंने जनता से अपील की कि प्रदेश की 175 सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवारों को जीत दिला कर आंध्र प्रदेश के विकास को आगे बढ़ाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कांग्रेस राज्य को सिर्फ विशेष राज्य का दर्जा ही नहीं बल्कि विभाजन के समय के सभी वादों को सत्ता में आते ही पूरा करेगी। उन्होंने कहा आज तक किसी भी पार्टी ने अल्पसंख्यक को विधानसभा का टिकट नहीं दिया। सिर्फ कांग्रेस ने एक अल्पसंख्यक को नेल्लोर शहर से टिकट दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी अंदर ही अंदर बीजेपी से मिली हुई है।

प्रियंका गांधी के आने से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा

कांग्रेस पार्टी में प्रियंका गांधी के आते ही पार्टी के नेताओं समेत सभी कार्यकर्ताओ में एक जोश और विश्वास की लहर जगी है। इन्दिरा जैसी दिखने वाली और उनके ही गुणों से भरी प्रियंका पार्टी को और भी आगे ले जाएगी।

स्टार प्रचारक पार्टी के कार्यकर्ता

चुनाव के दौरान नेल्लोर के कांग्रेस पार्टी के किसी भी बड़े नेता ने प्रचार नहीं किया क्योंकि उनके कार्यकर्ता ही उनके बड़े नेता हैं। बिना किसी कार्यकर्ता के पार्टी नहीं होती। इसलिए उन्हें प्रचार के लिए किसी भी तरह का स्टार प्रचारक नहीं चाहिए। गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के विभाजन के बाद 2014 में हुए चुनाव में कांग्रेस आंध्र प्रदेश में खाता भी नहीं खोल पाई थी। चंद्रबाबू नायडू ने भाजपा के साथ गठबंधन किया और उनकी तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) ने चुनाव में अपना परचम लहराया था।

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