विवादास्पद बयान से चर्चा में आया अरवाकुरिची विधानसभा क्षेत्र

विवादास्पद बयान से चर्चा में आया अरवाकुरिची विधानसभा क्षेत्र

Ritesh Ranjan | Publish: May, 17 2019 05:15:51 PM (IST) Chennai, Chennai, Tamil Nadu, India

-डीएमके व एआईएडीएमके में ही मुख्य मुकाबला
-एएमएमके, एमएनएम, एनटीके भी काटेंगे वोट
- 63 उम्मीदवार हैं मैदान में
-मुस्लिम वोट होंगे निर्णायक
-पेयजल प्रमुख मुद्दा

- अरवाकुरिची विधानसभा उपचुनाव

चेन्नई. अभिनेता से नेता बने मक्कल निधि मय्यम के प्रमुख कमल हासन हिन्दू आतंकवाद पर विवादित बयान देकर चर्चा में है। यह बयान उन्होंने तमिलनाडु के अरवाकुरिची विधानसभा उप चुनाव के दौरान प्रचार करते हुए दिया था। इस बयान से नया विवाद खड़ा हो गया। इस बार लोकसभा चुनाव में भी हिंदू आतंकवाद का मुद्दा चरम पर है। मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को भाजपा ने मध्यप्रदेश के भोपाल से उम्मीदवार बनाया है जिसके बाद विपक्षी पार्टी हिंदू आतंकवाद को मुद्दा बनाए बैठी है। उधर भाजपा इसे विपक्षी दल की साजिश बता रही है।
तमिलनाडु का अरवाकुरिची विधानसभा क्षेत्र मुस्लिम बहुल क्षेत्र है। यहां के उपचुनाव का फैसला मुस्लिम समुदाय के मतदाताओं से ही होगा।
अरवाकुरिचि के साथ ही तमिलनाडु में चार विधानसभा सीटों पर 19 मई को उपचुनाव हो रहे हैं जबकि 18 सीटों पर उपचुनाव लोकसभा चुनाव के साथ 18 अप्रेल को ही हो चुका है। अरवाकुरिची विधानसभा क्षेत्र में चुनाव वाले दिन 19 मई को तीन हजार पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। तमिलनाडु विशेष पुलिस की आठ तथा सेन्ट्रल आम्र्ड रिजर्व पुलिस की तीन कंपनियां तैनात रहेंगी। इस विधानसभा क्षेत्र में 159 केन्द्रों पर 250 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें से पिछले चुनावों को देखते हुए 29 बूथ संवेदनशील घोषित किए गए हैं। केन्द्रीय आम्र्ड रिजर्व पुलिस बल की कंपनियां इन सभी संवेदनशील बूथों पर तैनात रहेंगी।
एआईएडीएमके के वीवी सेंथिलनाथन व डीएमके के वी. सेङ्क्षथल बालाजी पूरा जोर लगा रहे हैं। एआईएडीएमके प्रत्याशी वीवी सेंथिलनाथन का कहना है कि डीएमके प्रत्याशी सेंथिल बालाजी बार-बार पाला बदल रहे हैं। इस कारण उनका कोई भरोसा नहीं। 2016 में वे एआईएडीएमके के साथ थे। 2018 में एएमएमके के साथ हो गए। अब डीएमके के साथ हंै। ऐसे में अरवाकुरिची के लोगों को उनका बायकॉट करना चाहिए। वे लोगों का विश्वास खो चुके हैं।
सेंथिल बालाजी के भूमिहीनों को जमीन देने के बयान पर उन्होंने कहा कि ऐसा ही वादा करुणानिधि ने भी किया था कि भूमिहीन किसानों को दो एकड़ जमीन दी जाएगी। उन्हें वह जमीन अब तक नहीं मिली। अरुवाकुरिची विधानसभा क्षेत्र से एएमएमके ने पी.एच. साहुल हमीन को उम्मीदवार बनाया है। एएमएमके महासचिव टीटीवी दिनकरण उनके लिए प्रचार कर चुके हैं। दिनकरण ने कहा कि डीएमके ने जिसे उम्मीदवार बनाया है वह जयललिता के शासन में मंत्री रह चुका है लेकिन अब अपने स्वार्थ के लिए पाला बदल लिया है। इलाके में किसान खासे नाराज है।
किसानों का कहना है कि डीएमके एवं एआईएडीएमके दोनों दल पिछले 20 साल से कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने का आश्वासन देते आ रहे हैं लेकिन अब तक यह मांग पूरी नहीं हो पाई है। मक्कल नीदि मय्यम (एमएनएम) से एस. सोहनराज एवं नाम तमिलर कच्ची (एनटीके) से पी.के. सेल्वम भी चुनाव में ताल ठोक रहे हैं। इलाके के पल्लीपट्ट में मुस्लिमों की आबादी अधिक है, यही वजह है कि सभी पार्टियां प्रचार पर यहां अधिक ध्यान दे रही है। एआईएडीएमके प्रत्याशी के समर्थन में सांसद अनवर राजा, मंत्री नीलोफर कफील, केसी वीरमणी समेत अन्य ने प्रचार का जिम्मा थाम रखा है।
2016 के विधानसभा चुनाव में भी अरवाकुरिची विधानसभा क्षेत्र खासा सुर्खियों में रहा था। तब मतदाताओं को रिश्वत देने की पेशकश की गई थी। बाद में सेंथिल बालाजी को अयोग्य घोषित कर दिया गया था।
एआईएडीएमके ने इस बार वीवी सेंथिलनाथन को उम्मीदवार बनाया है। वे पार्टी की युवा शाखा के सचिव हैं तथा 2011 विधानसभा चुनाव में डीएमके के के.सी. पलनीसामी से मामूली अंतर से हार गए थे। अरुवाकुरिची विधानसभा क्षेत्र करुर लोकसभा क्षेत्र में आता है।
इलाके में पानी की कमी एक बड़ा मुद्दा है। विधानसभा क्षेत्र के कई इलाकों में पानी तीन से चार दिन में वितरित किया जाता है। पानी के लिए महिलाओं को लम्बा रास्ता तय करना पड़ रहा है।

वी. सेंथिल बालाजी (डीएमके)
43 वर्षीय वी. सेंंथिल बालाजी ने अपने कॅरियर की शुरुआत डीएमके से की। 2000 में उन्होंने डीएमके छोडक़र एमडीएमके का दामन थाम लिया। बाद में एआईएडीएमके में चले गए तथा 2006 में करुर से विधायक बने। वे फिर 2011 में जीते और परिवहन मंत्री बने। 2016 में वे अरवाकुरिचि विधानसभा क्षेत्र से जीते लेकिन 18 दिसम्बर 2017 को अयोग्य घोषित कर दिए गए क्योंकि वे एआईएडीएमके से एएमएमके में चले गए थे। 14 दिसम्बर 2018 को उन्होंने फिर से डीएमके ज्वाइन कर ली। डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन की मौजूदगी में उन्होंने डीएमके की सदस्यता ग्रहण की। उन्हें जिला प्रभारी का दायित्व सौंपा गया। बताया जाता है कि पल्लीपट्ट क्षेत्र जो मुस्लिम बेल्ट माना जाता है वहां उनका खास वर्चस्व है। पिछले चुनाव में यहां से उन्हें भारी जीत मिली थी।
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वी.वी. सेंथिलनाथन (एआईएडीएमके) : 37 वर्षीय वी.वी. सेंथिलनाथन करुर के आनन्दनकोविल ईस्ट के रहने वाले हैं। उन्होंने कम्प्यूटर टेक्नोलोजी में बीएससी की है। उनकी ग्रेनाइट की खान है। 2002 में उन्होंने एआईएडीएमके ज्वाइन की। वर्तमान में करुर जिले के युवा इकाई के सचिव है। उन्होंने 2011 में अरुवाकुरिचि विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लडा था लेकिन तब डीएमके के केसी पलनीसामी से मात्र 4541 वोट से हार गए थे।
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एच. साहुल हमीद (एएमएमके):
करुर जिले के पलपट्टी निवासी 39 वर्षीय एच. साहुल हमीद एक व्यवसायी है। उन्हंोंने 2001 में एआईएडीएमके की सदस्यता ग्रहण की। वे पल्लीपट्ट यूनियन यूथ विंग के सचिव एवं प्रदेश अल्पसंख्यक विंग के संयुक्त सचिव रहे। जयललिता के निधन के बाद उन्होंने एएमएमके ज्वाइन कर ली। वर्तमान में पल्लीपट्ट यूनियन के अम्मा पेरवै के अध्यक्ष है। पल्लीपट्ट में अल्पसंख्यक वोटों को देखते हुए एएमएमके ने डीएमके व एआईएडीएमके उम्मीदवारों को पटखनी देने के लिए हमीद पर दांव खेला है।
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प्रमुख समस्याएं:
-पेयजल की भारी किल्लत
-किसान लम्बे समय से कोल्ड स्टोरेज के लिए कर रहे प्रयास
-अरवाकुरिची एवं पल्लीपट्ट में उद्योगों की कमी
-राजकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय की कमी


कुल मतदाता: 2,05,273
कुल उम्मीदवार - 63

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