सचिवालय के पास प्रदर्शन करने की कोशिश

वेतनवृद्धि व ओल्ड पेंशन योजना लागू करने की मांग को लेकर मंगलवार को जैक्टो-जियो के सदस्यों द्वारा राज्य सचिवालय के पास प्रदर्शन...

By: मुकेश शर्मा

Published: 07 Jun 2018, 10:03 PM IST

चेन्नई।वेतनवृद्धि व ओल्ड पेंशन योजना लागू करने की मांग को लेकर मंगलवार को जैक्टो-जियो के सदस्यों द्वारा राज्य सचिवालय के पास प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने हजारों कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। सरकारी कर्मचारी संगठनों द्वारा की गई प्रदर्शन की कोशिश के वजह से अण्णा सालै सहित कई अन्य हिस्सों में यातायात बाधित हुआ। प्रदर्शन को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग द्वारा ट्रिप्लीकेन पुलिस स्टेशन, चेपॉक गेस्ट हाउस, मद्रास विश्वविद्यालय सहित अन्य हिस्सों में बैरिकेड्स लगाए गए थे। इसके साथ ही सचिवालय पहुंचने वाले सभी रास्ते भी बंद कर दिए गए थे।

इसके परिणाम स्वरूप प्रदर्शनकारियों ने कामराज सालै पहुंचने के लिए तंग गलियों का सहारा लिया। प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए सचिवालय के चारों ओर ६ हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से सोमवार को जैक्टो-जिओ के कर्मचारियों को गिरफ्तार किए जाने के बावजूद ट्रेन, कार सहित अन्य साधनों की सहायता से ४५०० महिलाओं सहित करीब २५ हजार प्रदर्शनकारी चेन्नई पहुंचने में सफल हो गए थे।

हालांकि प्रदर्शन कावेरी मुद्दे की तरह नहीं बल्कि काफी शंातिपूर्वक रहा। गिरफ्तार सदस्यों को एगमोर स्थित राजरत्नम स्टेडियम सहित अन्य जगहों पर ठहराया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए मरीना बीच की ओर जाने वाले वाहनों को भी रोक दिया गया था। गौरतलब है कि सरकारी कर्मचारी संगठनों द्वारा ओल्ड पेंशन योजना लागू करने एवं नए वेतन आयोग के दिशानिर्देश के अनुसार बकाया राशि का भुगतान सहित कई अन्य मांगों को लेकर यह प्रदर्शन किया गया।

सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से जैक्टो-जिओ द्वारा सोमवार को मदुरै, नागरकोईल और वेलूर सहित राज्य के अन्य हिस्सों में भी प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद पुलिस ने बहुत सारे सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया था।

रेलवे स्टेशन और बस स्टॉप्स पर भी पुलिस तैनात

प्रदर्शन को गंभीरता से लेते हुए पुलिसकर्मियों द्वारा रेलवे स्टेशन और बस स्टॉप्स पर यात्रियों को पहचान पत्र देखने के बाद ही छोड़ा जा रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई पर महिला यात्रियों सहित अन्य यात्रियों ने निराशा भी व्यक्त की। चेन्नई सेंट्रल, एगमोर, ताम्बरम, तिरुवल्लूर रेलवे स्टेशनों के अलावा सीएमबीटी बस टर्मिनस और पेरुंगलत्तूर बस स्टैड पर अल सुबह ही पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया था। सूत्रों के अनुसार एगमोर स्टेशन पर तिरुचि, मदुरै, तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी की ओर से आने वाली ट्रेनों के यात्रियों को रोक कर उनसे पूछताछ की जा रही थी। जैक्टो जिओ के सदस्य पाए जाने पर उन्हें स्टेशन पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। इसी प्रकार सेंट्रल स्टेशन पर भी पुलिसकर्मियों ने यात्रियों से पूछताछ कर जैक्टो जिओ के सदस्यों को गिरफ्तार किया।
तिरुवल्लूर निवासी के. शांति नामक एक महिला ने बताया कि जब वे सेट्रल स्टेशन पहुंची तो पुलिसकर्मियों ने उनसे पहचान पत्र दिखाने की मांग करते हुए रास्ता रोक लिया एवं पहचान-पत्र देखने के बाद ही जाने दिया।

प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की आलोचना

डीएमके, पीएमके और अम्मा मक्कल मुनेत्र कझगम सहित राज्य के कई अन्य राजनीति दलों ने मंगलवार को पुलिस विभाग द्वारा सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करने की कोशिश करने वाले सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों की गिरफ्तारी की आलोचना की। यहां जारी एक विज्ञप्ति में डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने कर्मचारियों पर पुलिस की कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि ऐसा लगता है राज्य में पुलिस राज आ गया है। उन्होंने कहा कि जैक्टो जिओ द्वारा पहले से ही प्रदर्शन की जानकारी दी गई थी लेकिन राज्य सरकार उन्हें बुलाकर बात करने के बजाय गिरफ्तार करने जैसे कदम उठा रही है, जो कि सरासर गलत है। मुख्यमंत्री एडपाडी के. पलनीस्वामी को तत्काल जैक्टो जिओ के सदस्यों से बातचीत कर उनकी मांगों पर बातचीत करनी चाहिए। साथ ही गिरफ्तार किए गए सदस्यों को तत्काल छोड़ देना चाहिए।

टीएनसीसी अध्यक्ष एस. तिरुनावकरसर ने भी राज्य सरकार से सदस्यों के साथ बातचीत कर मुद्दे का हल निकालने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों द्वारा अपनी मांगों को पूरा करने के उद्देश्य से प्रदर्शन किया गया है। ऐसे में उन लोगों से बातचीत करने के बजाय पुलिस गिरफ्तार कर रही है, जो कि सही नहीं है। गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों को तत्काल में छोड़ कर सरकार उनके साथ बातचीत करे। पीएमके युवा विंग के अध्यक्ष अंबुमणि रामदास ने भी राज्य सरकार से प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी मांगों पर विचार करने का आग्रह किया।

एएमएमके उपमहासचिव टीटीवी. दिनकरण ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किए जाने के कारण उन लोगों को मजबूरन प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा, जबकि कर्मचारियों की मांगों को समझते हुए राज्य की पूर्व सीएम स्व. जे.जयललिता ने विशेषज्ञों की एक टीम का गठन किया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को अनदेखा ही नहीं किया बल्कि प्रदर्शन की पूर्व जानकारी पर भी लापरवाही बरती है। इसके परिणाम स्वरूप राज्यभर में प्रदर्शन शुरू हो गया।

मुकेश शर्मा Reporting
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