scriptAward-winning teacher now a sweeper in school | राज्य व राष्ट्रीय पुरस्कार मिला, अब स्कूल में सफाईकर्मी | Patrika News

राज्य व राष्ट्रीय पुरस्कार मिला, अब स्कूल में सफाईकर्मी

आदिवासी क्षेत्रों में मल्टी ग्रेड लर्निंग सेंटर्स बन्द होने से शिक्षक सफाईकर्मी के रूप में काम करने को मजबूर

चेन्नई

Updated: June 02, 2022 11:27:32 pm

चेन्नई. केरल में स्कूल फिर से खुलने के बाद शिक्षकों के एक समूह ने अंशकालिक या पूर्णकालिक सफाईकर्मियों के रूप में एक नई भूमिका निभाई। वे उन 344 एकल शिक्षकों में शामिल थे, जिन्हें आदिवासी क्षेत्रों में 272 मल्टी ग्रेड लर्निंग सेंटर्स (एमजीएलसी) में सेवा प्रदान की गई थी। सरकार द्वारा इन केंद्रों को बंद करने के बाद उनकी नौकरी चली गई। उनमें से कम से कम 50 ने शिक्षक की भूमिका को पीछे छोड़ते हुए सफाईकर्मी के रूप में काम करना शुरू कर दिया। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में नियुक्ति आदेश मिलने के बाद अधिकांश अन्य लोग अपनी नई भूमिका संभाल लेंगे।
पीएसएनएम गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल पेरूरकडा, तिरुवनंतपुरम में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षिका के.आर. उषा कुमारी ने अपने नए स्कूल में पहुंचने पर शौचालय सहित स्कूल परिसर को साफ करने के लिए झाड़ू, पोछा और फर्श स्क्रबर की तलाश की। उषा कुमारी ने कहा, हो सकता है, यह मेरी किस्मत हो। दो महीने पहले जब मैं कुन्नाथुमाला में आदिवासी छात्रों को पढ़ा रही थी तो मैं चाक और डस्टर पकड़े हुए थी। यहां ज्वाइनिंग लेटर जमा करने के बाद मैंने सबसे पहले ऑफिस रूम में सफाई का सामान ढूंढा। हालाँकि 54 वर्षीय उषा कुमारी को झाड़ू उठाने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उनका परिवार ऐसा नहीं सोचता। पिछले 23 वर्षों से आदिवासी छात्रों को शिक्षा प्रदान कर रही है। उन्हें सर्वश्रेष्ठ शिक्षिका के लिए एक दर्जन से अधिक राज्य और राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। उनकी सरकारी सेवा में सिर्फ छह साल बचे हैं।
पदनाम बदलकर वरिष्ठ सहायक करने की मांग
वे कहती है, मेरे बच्चे मुझसे स्वीपर की भूमिका नहीं निभाने का आग्रह कर रहे हैं लेकिन मुझे कोई ऐतराज नहीं है क्योंकि मैं अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती हूं। राज्य सरकार से मेरा एक ही अनुरोध है कि हमें पूरी पेंशन (20 साल की सेवा की आवश्यकता) दी जाए और हमारा पदनाम बदलकर वरिष्ठ सहायक कर दिया जाए। उषा कुमारी को एकमात्र सांत्वना यह है कि पहले के 19,000 रुपए प्रति माह के वेतन से उनका स्वीपर ग्रेड वेतन 23,000 रुपए से 50,200 रुपए के बीच है। सिर्फ उषा कुमारी ही नहीं तिरुवनंतपुरम जिले में 14 अन्य लोगों ने भी सफाईकर्मी के रूप में सरकारी स्कूलों में काम शुरू कर दिया है।
एकल शिक्षकों ने सफाईकर्मी के रूप में काम करने सहमति दी
सामान्य शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि एकल शिक्षकों को उनकी सहमति के बाद अंशकालिक या पूर्णकालिक सफाईकर्मी के रूप में काम करने के लिए कहा गया है। उन्हें उनकी वरिष्ठता के आधार पर उनके संबंधित जिलों में रिक्तियों के अनुसार नियुक्त किया जाएगा।
Award-winning teacher now a sweeper in school
Award-winning teacher now a sweeper in school

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

Maharashtra Politics: एकनाथ शिंदे होंगे महाराष्ट्र के अगले सीएम, देवेंद्र फडणवीस ने किया ऐलानMaharashtra: एकनाथ शिंदे होंगे महाराष्ट्र के नए सीएम, आज शाम होगा शपथ ग्रहण समारोहAgnipath Scheme: अग्निपथ स्कीम के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने वाला पहला राज्य बना पंजाब, कांग्रेस व अकाली दल ने भी किया समर्थनPresidential Election 2022: लालू प्रसाद यादव भी लड़ेंगे राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव! जानिए क्या है पूरा मामलाMumbai News Live Updates: एकनाथ शिंदे ने कहा- 50 विधायकों का भरोसा कभी टूटने नहीं दूंगाMaharashtra Political Crisis: उद्धव के इस्तीफे पर नरोत्तम मिश्रा ने दिया बड़ा बयान, कहा- महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा का दिखा प्रभावप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने MSME के लिए लांच की नई स्कीम, कहा- 18 हजार छोटे करोबारियों को ट्रांसफर किए 500 करोड़ रुपएDelhi MLA Salary Hike: दिल्ली के 70 विधायकों को जल्द मिलेगी 90 हजार रुपए सैलरी, जानिए अभी कितना और कैसे मिलता है वेतन
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.