गली-गली कोरोना के प्रति जागरूकता लाएं

जिला कलक्टरों के साथ मुख्यमंत्री एडपाड़ी के. पलनीस्वामी ने की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (video conferencing), जिले भर में चल रही कोरोना रोकथाम व उपचार के उपायों की जानकारी ली।

By: MAGAN DARMOLA

Published: 14 May 2020, 12:29 AM IST

चेन्नई. तमिलनाडु में कोरोना की बढ़ती संख्या अन्य राज्यों की तरह नहीं है। जांच अधिक होने की वजह से मामले ज्यादा सामने आए हैं। सभी का उपचार कर उनको ठीक करना ही सरकार का इरादा है। कोरोना की रोकथाम के लिए जन जागृति निहायत ही जरूरी है इसलिए गली-गली जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं।

मुख्यमंत्री एडपाड़ी के. पलनीस्वामी ने बुधवार को सचिवालय परिसर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला कलक्टरों को संबोधित किया। उन्होंने जिले भर में चल रही कोरोना रोकथाम व उपचार के उपायों की जानकारी ली। सीएम ने कलक्टरों को सावचेत किया कि वे अन्य राज्यों से माल लदे ट्रकों के साथ आने वाले चालकों व परिचालकों की स्वास्थ्य जांच कराएं। उनके माध्यम से भी कोरोना संक्रमण राज्य में फैल सकता है। गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है कि इसलिए जल की कमी दूर करने के उपाय कि जाएं।

बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों की व्यवस्था

दसवीं और बारहवीं बोर्ड की परीक्षाएं १ जून से आरंभ होने की सूरत में पलनीस्वामी ने कलक्टरों को हिदायत दी कि विद्यार्थियों की आवजाही की माकूल व्यवस्था की जाए। इसी तरह पश्चिमी घाट वाले जिलों में कुड़ीमरामत्तु व जलस्रोतों की सफाई का कार्य तेजी से कराया जाए। कारखानों में औद्योगिक उत्पादन शुरू हो चुका है। वहां कार्यदशाओं और अन्य निर्धारित शर्तों की जांच करने के भी निर्देश दिए।

कोयम्बेडु व्यापारी नहीं थे तैयार

सीएम पलनीस्वामी ने राज्य में फैले कोरोना वायरस के मामलों के लिए कोयम्बेडु मंडी को लेकर सरकार द्वारा ठोस उपाय नहीं किए जाने के आरोप को सिरे से नकार दिया। उनका जवाब था कि सरकार ने पूरे प्रयास किए थे लेकिन मंडी के कारोबारी यह कहते हुए विस्थापित होने को तैयार नहीं थे कि कारोबार प्रभावित होगा। लिहाजा हमने पहले उनके अनुरोध को मान लिया था। फिर मामले सामने आए तो मंडी को हमने बंद कराते हुए तिरुमईसई विस्थापित कर दिया।

श्रमिकों की वापसी
पलनीस्वामी ने कहा कि राज्य में बसे श्रमिकों को उनके घर भेजने के पूरे उपाय किए जा रहे हैं। मजदूरों का रेल परिवहन व्यय सरकार ही वहन कर रही है। बहरहाल, कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों से अनुमति नहीं मिलने की वजह से विलम्ब हो रहा है। तमिलनाडु को रोजाना की ८-१० ट्रेन ही आवंटित है। संबंधित राज्यों के श्रमिकों को चरणबद्ध रूप से भेजा जाएगा। इसी तरह अन्य राज्यों से भी तमिलों को लाया जा रहा है।

MAGAN DARMOLA
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