एकीकृत वित्तीय व मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली को लेकर जागरूकता कार्यक्रम

Santosh Tiwari

Publish: Jul, 13 2018 06:24:34 PM (IST)

Chennai, Tamil Nadu, India
एकीकृत वित्तीय व मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली को लेकर जागरूकता कार्यक्रम

यह कार्यक्रम सरकारी कर्मचारियों के लिए हुआ था

चेन्नई. ट्रेजरीज एवं अकाउंट्स के प्रधान सचिवीय कार्यालय की ओर से एकीकृत वित्तीय व मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली को लेकर डीजीपी कार्यक्रम में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सरकारी कर्मचारियों के लिए हुआ था। इसकी अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक टीके राजेंद्रन ने की।
ट्रेजरीज एवं अकाउंट्स चेन्नई के आयुक्त तेनकाशी एस. जवाहर ने इस मौके पर कहा कि सरकार ने विभाग के जरिए इस प्रणाली को लागू करने की घोषणा की है। वर्तमान आटोमेटेड ट्रेजरी बिल पासिंग सिस्टम, वेब पेराल तथा ई-पेंशन साफ्टवेयर इस योजना में शामिल होंगे।
सरकार ने परियोजना लागत के रूप में 288.91 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। यह परियोजना विप्रो के जरिए लागू की जाएगी। इस परियोजना के लागू होते ही करीब 29,000 ड्राइंग एंड डिस्बरजिंग आफिसर बिल जमा कर सकेंगे। इसके लिए पे तथा अकाउंट आफिसर व ट्रेजरी जाने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही बिल की स्थिति, भुगतान के अलावा उसे ट्रैक किया जा सकेगा। इससे वित्त और मानव संसाधन प्रबंधन मजबूत होगा। जनता को त्वरित सेवाएं मिल सकेंगी।
इस सिस्टम में बिल एक दिन में पारित किया जा सकेगा। इस योजना में प्री-आडिट सिस्टम ट्रेजरीज तक भी पहुंचेगा। सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति, तबादले एवं छुट्टियों का भी आनलाइन प्रबंधन होगा। इस प्रणाली के अक्टूबर तक लागू हो जाने की उम्मीद है। करीब 9 लाख सरकारी कर्मचारियों का सर्विस रजिस्टर डिजीटल होगा, साथ ही पेंशन भुगतान में भी लाभ होगा।

 

बिना कंडक्टर के बस
परिवहन सचिव को हाईकोर्ट का नोटिस
चेन्नई. बिना कंडक्टर के बस सेवाएं संचालित करने की सरकार की योजना के खिलाफ दायर याचिका पर परिवहन विभाग के सचिव को मद्रास हाईकोर्ट ने नोटिस भेजा है।
तमिलनाडु के परिवहन निगम घाटे में चल रहे हैं। इनकी कमाई घटी है और वित्तीय बोझ बढ़ा है। इन निगमों को नुकसान से उबारने के लिए सरकार कई उपाय कर रही है। इसी कड़ी में ५ जुलाई से कोयम्बत्तूर, सेलम और मदुरै में बिना कंडक्टर के बस सेवाओं का परिचालन शुरू किया गया।
सरकार की इस योजना का विरोध करते हुए परिवहन कर्मचारी सम्मेलन के महासचिव आरमुगम ने मद्रास उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई की। न्यायालय ने परिवहन सचिव को इस सिलसिले में जवाबी नोटिस जारी करते हुए सुनवाई १८ जुलाई के लिए टाल दी।

Ad Block is Banned