कोरोना ने कलाकारों की कमर तोड़ी

- भजन संध्याएं व अन्य कार्यक्रम नहीं हो रहे
- कलाकारों के सामने रोजी-रोटी का संकट

By: Ashok Rajpurohit

Updated: 24 Aug 2020, 07:13 PM IST

चेन्नई. कोरोना महामारी का असर हर वर्ग पर पड़ा है। कोरोना ने कलाकारों की कमर तोड़ दी। छोटे-मोटे कलाकार इससे बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। कई भजन कलाकार व वाद्य यंत्र बजाने वालों को विभिन्न भजन संध्याओं के माध्यम से रोजगार मिल रहा था। कोरोना काल में ऐसे आयोजन पर प्रतिबंध का सीधा असर उनके रोजगार पर पड़ा। कोरोना काल में भजन संध्याओ का आयोजन नहीं हो सका। चेन्नई में भी विभिन्न अवसरों पर इस तरह की भजन संध्याओं का आयोजन किया जाता रहा है। जिसमें राजस्थान एवं अन्य स्थानों से विभिन्न बड़े-छोटे कलाकारों को बुलाया जाता है। ये कलाकार अपने पूरे ग्रुप व साजो-सामान के साथ आते हैं। लेकिन इन दिनों कहीं भजन संध्या नहीं हो रही है। जो पहले से भजन संध्या के आयोजन तय किए गए थे वे कोरोना व लॉकडाउन के चलते कैंसल हो चुकी है। ऐसे में भजन कलाकारों के सामने पिछले पांच महीने से रोजी-रोजी का संकट पैदा हो गया है।
छोटे कलाकारों के सामने संकट अधिक
कुछ बड़ेे भजन कलाकारों ने किसी तरह खुद को मैनेज कर लिया है लेकिन उनके साथ जो वाद्य यंत्र बजाने वाले हैं, उनके सामने रोजी-रोटी का जबरदस्त संकट देखने को मिल रहा है। इसी तरह कई छोटे कलाकार भी इससे बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। उनकी आय का जरिया कोरोना काल में पूरी तरह के बन्द हो गया हैं। हालांकि कई बड़े भजन कलाकारों ने कोरोना काल में भी यूटयूब व अन्य सोशल मीडिया साइट्स के माध्यम से जुड़े रहने का प्रयास जरूर किया लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिली।
जीवंत प्रस्तुति का आनन्द अलग
एक भजन कलाकार का कहना था कि जो आयोजन दर्शकों के सामने प्रस्तुति देने में हैं वह यूट्यूब व सोशल साइट्स पर नहीं। जीवंत प्रस्तुति ही सही मायने में भजनों को गति दे पाती है। कोरोना काल में भजन संध्या के आयोजन की अनुमति नहीं थी। ऐसे में कहीं भजनों के कार्यक्रमों के आयोजन नहीं हुए। भजनों के साथ ही हारमोनियम, ढोलक व अन्य वाद्य यंत्र बजाने के लिए कलाकार रहते हैं लेकिन सबका काम इन दिनों लगभग बन्द है। हाल फिलहाल इस तरह की किसी बड़े आयोजन की कोई संभावना भी नहीं लग रही है। ऐसे में कई कलाकारों ने अन्य रोजगार की तरफ प्रवृत्त होने का मानस बना लिया है।
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पिछले लम्बे समय से कोई आयोजन नहीं
कोरोना महामारी के बाद लॉकडाउन के चलते कहीं भी भजन संध्याएं व अन्य बड़े कार्यक्रम बन्द ही है। भजन संध्याओं में राजस्थान, गुजरात व अन्य स्थानों से बड़े कलाकारों को बुलाया जाता रहा है। भजनों का आनन्द प्रवासी लेते रहे हैं लेकिन इन दिनों कहीं भी ऐसे आयोजन नहीं हो रहे हैं। जो भजन संध्याओं के कार्यक्रम पहले तय किए गए थे वे भी लॉकडाउन एवं कोरोना के चलते कैंसल कर दिए गए थे।
भूपेन्द्रसिंह खेड़ापा, बिजनेसमैन, चेन्नई।


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Ashok Rajpurohit
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