Tamilnadu: महाकवि भारती के जीवन से लें प्रेरणा, सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने वालों को भारती अवार्ड

राज्यपाल (Governer) बनवारीलाल पुरोहित ने यहां टीनगर स्थित नारद गण सभा में आयोजित कार्यक्रम में भारती अवॉर्ड प्रदान किए।

चेन्नई. राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने यहां टीनगर स्थित नारद गण सभा में आयोजित कार्यक्रम में भारती अवॉर्ड प्रदान किए। वनविल कल्चरल सेन्टर एवं तमिल सूचना एवं प्रचार व पर्यटन विभाग की साझा मेजबानी में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा महाकवि भारती ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज एवं देश में अपनी छाप छोड़ी। उनके आदर्शों को मौजूदा युवा पीढी को सीखने की जरूरत है। उनकी कविताओं मेंं राष्ट्रवाद की भावना कूट-कूट भरी थी।
वनविल कल्चरल सेन्टर ने 1994 में भारती अवार्ड की स्थापना की थी। हर साल उन लोगों का सम्मान किया जाता है जिन्होंने समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाएं दी हैं। उन्होंने देश में नदियों के एकीकरण के लिए गीत गाए। अपनी मातृभाषा तमिल एवं भारत के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा थी।

शिक्षा पर विशेष जोर
भारती की प्रारम्भिक शिक्षा तिरुनेलवेली एवं वाराणसी में हुई। उन्होंने कई समाचारपत्रों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। बेबाक लेखनी के चलते वे कई बार ब्रिटिश सरकार ने उन पर अत्याचार किए। उन्होंने राजनीति में महिलाओं के लिए वकालत की। शिक्षा पर उनका विशेष जोर रहा।

गणमान्य लोग
इस मौके पर आध्यात्मिक गुरु श्रीश्रीरविशंकर, राज्यसभा सदस्य एल. गणेशन, पदमश्री डॉ. नल्लीकुप्पुसामी, के. रवि समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

Ashok Rajpurohit
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