श्रद्धा हैं विश्वास हैं बेटी
जीवन की एक आस हैं बेटी

पैरेंट्स के कार्यस्थल पर जाना खास अनुभूति रहा। अनुभव व कार्य को नजदीक से देखने का अवसर मिला। कार्यस्थल पर चुनौतियों को समझना उनके लिए खास अनुभव रहा।

ऑफिस : क्रेस्को रेफ्रिजरेन्ट्स प्रा. लि.
बिटिया : किरण, गुड्डी, पूजा व अनीता
पिता का नाम : राजूराम सोऊ विश्नोई

मौजूदा बाजार को जाना-समझा। किस तरह तकनीकी के युग में हम खुद को स्थापित कर सकते हैं, यह सीखा।
- किरण, गुड्डी, पूजा व अनीता विश्नोई

ऑफिस : महादेव एन्टरप्राइज
बिटिया का नाम : सुनीता बेड़ा
पिता का नाम : सहदेवराम बेड़ा

मैंने पापा की दुकान पर जाकर कई तरह की मार्केटिंग के बारे में जाना। कम्प्यूटर के माध्यम से अकाउन्टस के बारे में समझा
- सुनीता बेड़ा

ऑफिस : लाला फार्मेसी
बिटिया का नाम : तनिष्का गुप्ता
माता- पिता का नाम : श्वेता-राकेश गुप्ता

दुकान पर मैंने दवाइयों के बारे में समझा। मैं चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करना चाहती हूं।
- तनिष्का गुप्ता

ऑफिस : महादेव टैक्सटाइल
बिटिया का नाम : मोनिका बेनीवाल
पिता का नाम : हापूराम बेनीवाल

पिताजी की दुकान पर जाकर बहुत जानकारी मिली। मुझे जब भी समय मिलता हैं दुकान पर जाकर कुछ न कुछ सीखती हूं।
- मोनिका बेनीवाल

ऑफिस : भारती कलेक्शन
बिटिया का नाम : मनीषा सिंघल
माता-पिता का नाम : भारती-महेश सिंघल


जीवन में सफलता पाने के लिए मेहनत जरूरी हैं। यह मैंने पापा की दुकान पर आकर सीखा।
- मनीषा सिंघल

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