करुणानिधि की वैदिक शिक्षा की आलोचना पर भाजपा ने साधा निशाना

करुणानिधि की वैदिक शिक्षा की आलोचना पर भाजपा ने साधा निशाना
chennai news

Shankar Sharma | Updated: 11 Jun 2016, 11:40:00 PM (IST) Chennai, Tamil Nadu, India

केन्द्र सरकार के वैदिक शिक्षा के लिए बोर्ड स्थापित करने के कदम पर डीएमके प्रमुख एम. करुणानिधि के आलोचना करने पर बीजेपी ने उन पर निशाना साधा है

चेन्नई. केन्द्र सरकार के वैदिक शिक्षा के लिए बोर्ड स्थापित करने के कदम पर डीएमके प्रमुख एम. करुणानिधि के आलोचना करने पर बीजेपी ने उन पर निशाना साधा है। करुणानिधि ने केन्द्र पर  यह भी आरोप लगाया कि केन्द्र भाषा के नाम पर राजनीति कर रही है।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष तमिलसै सौंदरराजन ने कहा, यदि करुणानिधि इतनी ही तमिल की पैरवी करते हैं तो पिछले दिनों चुनाव के समय डीएमके ने हिन्दी भाषी मतदाताओं के वोट हासिल करने के लिए हिन्दी में पम्पलेट्स क्यों छपवाए। सौंदरराजन ने कहा, डीएमके ने 1960 के समय प्रदेश में हिन्दी विरोधी आन्दोलन की अगुवाई की थी। केन्द्र सरकार भारतीय संस्कृति को प्रमोट करने के लिए ऐसा कर रही है।

करुणानिधि के इस बयान पर कि केन्द्र सरकार तमिल को संविधान की आठवीं अनुसूचि में शामिल नहीं कर रही है जबकि डीएमके पिछले 50 वर्ष से यह मांग करती आ रही है, के जवाब में सौंदरराजन ने कहा कि पिछली सरकारों में डीएमके सरकार का हिस्सा थी, तब उनकी मांग की अनदेखी क्यों की गई।

सौंदरराज ने कहा कि एचआरडी मंत्रालय ने वैदिक शिक्षा सीबीएसई के छात्रों के लिए लागू करने की योजना बनाई है। यह एक सैद्धांतिक विषय है और इस विषय को लेने के लिए किसी को बाध्य नहीं किया जाएगा। सरकार की मंशा यही है कि हमारी भावी पीढ़ी को संस्कृति से परिचित कराया जाए। करुणानिधि ने एक दिन पहले ही वैद विद्या के प्रस्ताव के बारे में आलोचना करते हुए कहा था कि इस तरह की शिक्षा देश को अवनति की तरफ ले जाएगी।

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