यार्ड में खड़े एसी कोच में बुजुर्ग का शव मिला

यार्ड में खड़े एसी कोच में बुजुर्ग का शव मिला

Ritesh Ranjan | Publish: May, 21 2019 02:11:30 PM (IST) Chennai, Chennai, Tamil Nadu, India

पेरम्बूर स्थित रेलवे यार्ड में सोमवार को मरम्मत के लिए खडे एसी कोच में ६० वर्षीय वृद्ध का शव मिला है।

चेन्नई. पेरम्बूर स्थित रेलवे यार्ड में सोमवार को मरम्मत के लिए खडे एसी कोच में ६० वर्षीय वृद्ध का शव मिला है। पुलिस ने बताया कि शव सरकारी अस्पताल भेजकर पुलिस को सूचना दे दी गई है। हालांकि शव बंद कोच में कैसे आया और वृद्ध की मौत कैसे हुई इसका पता नहीं लग पाया है। पुलिस के अनुसार १५ मई को चेन्नई से दिल्ली जाने वाली टे्रन के एक कोच में एसी काम नहीं कर रहा था। उस कोच को हटा दिया गया और मरम्मत के लिए पेरम्बूर यार्ड में रखा गया। सोमवार सुबह जब रेलवे अधिकारी और तकनीकी टीम कोच की मरम्मत करने पहुंची और कोच का दरवाजा खोलकर अंदर घुसे तो उसमें वृद्ध का शव पड़ा देख पुलिस को सूचित किया।


------------------------------------------
ट्राइबल यूथ एम्पावरमेंट एंड इंटर्नशिप सम्मेलन में विजेताओं को सम्मान
- राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने किया
चेन्नई. कमजोर जनजातियों को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए यह जरूरी है कि हम उन पर विशेष ध्यान दें। नीलगिरि की आबादी में ५ प्रतिशत कमजोर जनजातियों के लोग हैं जो छह ग्रुप में बटे हुए हैं। ये लोग कृषि, वन्य उत्पाद समेत अन्य कामों में प्रवीण होते हैं जो आम नागरिक से नहीं होते। उदगमंदलम में रिसोर्स सेंटर फॉर ट्राइबल कल्चर की ६२वीं वर्षगांठ और नावा के संस्थापक पद्मश्री डा. एस. नरसिंम्हन के १०२वें जन्मदिवस पर आयोजित ट्राइबल यूथ एम्पावरमेंट एंड इंटर्नशिप सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने यह बात कही। उन्होंने कहा डा. नरसिम्हन का जीवन प्रेरणास्रोत है उन लोगों के लिए जो निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा करना चाहते हैं। कमजोर जनजातियों की सेवा का बीड़ा उन्होंने वर्ष १९५८ में उठाया था जो आज भी जारी है। उनके इस प्रयास से तमिलनाडु के नीलगिरि, कोयम्बत्तूर, ईरोड के अलावा पड़ोसी राज्य केरल एवं कर्नाटक की जनजातियों को भी काफी लाभ मिला। इस मौके पर जनजाति के कल्याण कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए नावा के मेडिकल निदेशक डा. के रामासामी, नावा के शिक्षा निदेशक के. विजय कुमार, जयराज समेत दस लोगों को सम्मानित किया गया।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned