सार्वजनिक परिवहन के अभाव में बिजनेस का पहिया डगमगाया

श्रमिक नहीं लौटने से रफ्तार रुकी

By: ASHOK SINGH RAJPUROHIT

Published: 07 Jul 2020, 07:16 PM IST

चेन्नई. सरकार ने भले ही इंडस्ट्रीज शुरू करने की छूट दे दी है लेकिन बिजनेस गति नहीं पकड़ पा रहा है। पलायन कर चुके मजदूरों के न लौटने व सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू न हो पाने की वजह से बिजनेस ट्रेक पर नहीं आ सका है। कारोबार के जानकारों की मानें तो अगले तीन-चार महीने तक बिजनेस का मूवमेन्ट रफ्तार नहीं पकड़ सकेगा। इंडस्ट्री में पूरे वर्कफोर्स से काम होने तथा सभी इंडस्ट्रीज के शुरू होने के बाद ही बिजनेस का फ्लो बन पाएगा।
लॉकडाउन की भेंट चढ़ा बिजनेस
हर बिजनस व इण्डस्ट्री का एक-दूसरे से लिंक है, जब तक यह चेन पूरी जुड़ेगी नहीं बिजनेस की गति मंथर ही रहेगी। लॉकडाउन के बाद से लगभग सारे व्यवसाय ठप ही हैं। अब कुछ व्यवसाय एक तिहाई वर्कफोर्स के साथ शुरू किए गए हैं लेकिन उत्पादन बहुत कम हो रहा है। ऐसे में आर्डर की पूर्ति नहीं हो पा रही है।
जल्द नहीं लौटना चाहते मजदूर
समूची इण्डस्ट्री की रीढ़ मजदूर है। लॉकडाउन के दौरान अपने गृह क्षेत्र गए मजदूर अभी तक लौटे नहीं हैं। कोरोना के डर से अब भी कई मजदूर जल्दी आने के पक्षधर नहीं हैं। ऐसे में उत्पादकता को बढ़ाना आसान नहीं होगा।


परिवहन शुरू होने पर ही मिलेगी गति
सार्वजनिक परिवहन के अभाव में कर्मचारी कार्यस्थल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में काम की गति रुकी हुई है। कई कार्य एक-दूसरे से जुड़े हुए होते हैं। ऐसे में सभी व्यवसाय शुरू होने पर ही रुटीन बन सकेगा।
-पवन कुमार अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष, चेन्नई गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन


सबसे बड़ी रुकावट श्रमिकों की कमी
सबसे बड़ी बाधा श्रमिकों की है जिनके अगले दो-तीन माह तक आने के आसार नजर नहीं आते। मजदूर न होने से उत्पादन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में उत्पादन दस फीसदी रह गया है। गतिपकडऩे में कम से कम छह महीने का समय लग जाएगा।
-सुरेशकुमार सांघी, एमडी, कोरोमंडल मेटल प्रोडक्ट्स, चेन्नई।

ASHOK SINGH RAJPUROHIT
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