वित्तीय संस्थान में 300 करोड़ का घोटाला मामले की सीबीआई जांच की मांग

वित्तीय संस्थान ने निवेशकों का पैसा एक साल में दुगुना होने का दिया प्रलोभन, रामनाथपुरम व शिवगंगा जिले के हजारों लोगों ने लगभग ३०० करोड़ रुपए का निवेश किया। मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै खण्डपीठ में याचिका दायर, न्यायालय ने रामनाथपुरम के एसपी से मांगा जवाब

By: MAGAN DARMOLA

Updated: 18 Sep 2020, 07:48 PM IST

मदुरै. रामनाथपुरम और शिवगंगा जिलों में कार्यशील वित्तीय संस्थान में ३०० करोड़ रुपए की वित्तीय धोखाधड़ी के मामले की सीबीआइ जांच के आदेश देने की याचिका मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै खण्डपीठ में दाखिल हुई है। न्यायालय ने रामनाथपुरम के एसपी को जवाबी नोटिस जारी किया है।

शिवगंगा की जया सहित तीन जनों ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा कि रामनाथपुरम में आनंद, उसकी पत्नी गायत्री, निधिमणि और उसकी पत्नी मेनका एक वित्तीय संस्थान चलाते थे। इनका कहना था कि निवेशकों का पैसा एक साल में दुगुना हो जाएगा।

इस झांसे में आकर रामनाथपुरम व शिवगंगा जिले के हजारों लोगों ने लगभग ३०० करोड़ रुपए का निवेश किया। निवेशकों की संख्या बढऩे के साथ ही इन लोगों ने ब्याज देना बंद कर दिया। पीडि़तों ने बाजार पुलिस थाने में कंपनी के खिलाफ शिकायत की। पुलिस ने कर्ता-धर्ता को धरा भी लेकिन आगे की कार्रवाई में कोई प्रगति नहीं हुई।

याची ने कहा कि निवेशक पैसा नहीं मिलने की वजह से गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इस धोखाधड़ी में पुलिस भी आरोपियों का सहयोग कर रही है। लिहाजा न्याय मिलने की उम्मीद कम है। इसलिए धोखाधड़ी की सीबीआइ जांच होनी चाहिए।

न्यायाधीश पोंगीअप्पन ने याचिका पर सुनवाई की। रामनाथपुरम एसपी को जवाबी नोटिस जारी करते हुए सुनवाई २२ सितम्बर के लिए टाल दी। सरकार ने इसी मामले से जुड़ी एक अन्य याचिका की सुनवाई पर हाईकोर्ट को बताया था कि जांच स्थानीय पुलिस से आर्थिक अपराध शाखा के हवाले कर दी गई है।

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