Tamilnadu स्कूल में मनाई गीता जयंती

समारोह में टीटीडी के विभिन्न कॉलेजों (many colleges) के लगभग 10 हजार छात्रों (Students) ने सामुदायिक गीता परायण में भाग (participate) लिया।

तिरुपति. यहां स्थित एसवी हाई स्कूल के मैदान में शनिवार को गीता जयंती समारोह आयोजित किया गया। समारोह में टीटीडी के विभिन्न कॉलेजों के लगभग 10 हजार छात्रों ने सामुदायिक गीता परायण में भाग लिया। मुख्य अतिथि टीटीडी ट्रस्ट बोर्ड के अध्यक्ष वाईवी सुब्बा रेड्डी थे। उन्होंने कहा गीता जयंती उस दिन को मनाई जाती है जिस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को 700 श्लोक (यानी गीता का उपदेश) सुनाकर जीवन का महत्व सिखाया था। हम इस सार को अगली पीढ़ी को देना चाहते हैं क्योंकि छात्रों को भगवत गीता में गीताचार्य द्वारा वर्णित नैतिक जीवन का महत्व सीखना चाहिए।
गीता सीखकर व्यक्ति पवित्र जीवन जी सकता है
चेयरमैन ने कहा इस कार्यक्रम का आयोजन इस्कॉन के साथ टीटीडी के एचडीपीपी विंग और अन्य आध्यात्मिक संगठनों की तरह किया गया है। उन्होंने कहा हम टीटीडी में कथित झूठे प्रचारों को कुछ निहित स्वार्थों के चलते एक अनोखे आध्यात्मिक हिन्दू धर्मिक कार्यक्रमों को भव्य पैमाने पर उतारने के लिए प्रचारित करना चाहते हैं। टीटीडी के पदेन सदस्य डॉ. सी. भास्कर रेड्डी ने कहा गीता सीखकर व्यक्ति पवित्र जीवन जी सकता है। जेईओ पी बसंत कुमार ने छात्रों को भगवद्गीता में श्लोक सीखने के लिए प्रेरित करने में माता-पिता और शिक्षकों द्वारा दिखाए गए हित की सराहना की। इससे पहले कार्यक्रम में श्रीधर और फणीरंगसै की अगुवाई में सत्य साईं सेवा संगठन की भजन टीम द्वारा गोविंदा नाम का जाप हुआ।

व्यक्ति मोक्ष प्राप्त कर सकता है
वाईएसआर कड़प्पा जिले के श्री पुष्पगिरि मठ के पोंटिफ, एचएच विद्याशंकर भारती थेर्था स्वामी ने कहा, भगवत गीता एक मानव को धार्मिक जीवन जीने का तरीका दिखाती है। हमारे हिंदू सनातन धर्म में हजारों धर्मग्रंथ हैं। बस भागवत गीता ही ऐसा ग्रंथ है जिसके श्लोकों को पढऩे से सभी शास्त्रों में निपुण होने के बराबर है। इससे व्यक्ति अपने सभी पापों से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त कर सकता है।

आंतरिक आत्मा का जागरण गीता पारायण के माध्यम से ही संभव
श्री रामकृष्ण सेवा समिति, तिरुपति के प्रमुख अनूपमानंद महाराज ने कहा, प्रत्येक मनुष्य में आंतरिक आत्मा का जागरण गीता पारायण के माध्यम से ही संभव है। यह बात स्वामी विवेकानंद ने भी वाक्यांशों के रूप में बताई है ताकि गीता का सार आसानी से एक दूसरे तक पहुंच सके। बोर्ड की सदस्य वी. प्रशांति रेड्डी, मुख्य लेखा परीक्षा अधिकारी शेषा शैलेंद्र, एचडीपीपी प्रमुख डॉ. सी. राजगोपालन, एसवीएचवीएस परियोजना अधिकारी डॉ. ए. विभीषण शर्मा, देवस्थानम शिक्षा अधिकारी डॉ. रमन प्रसाद समेत अनेक गणमान्य लोग इस मौके पर उपस्थित थे।

Dhannalal Sharma
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