फर्जी पावर बैंक ऐप के खिलाफ चेन्नई में 37 शिकायतें मिली, लाखों की हुई ठगी

शिकायतकर्ताओं ने दो मोबाइल ऐप के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है जिसकी मदद से उनसे ठगी हुई है। दोनों के खिलाफ अलग अलग मामले दर्ज किए गए है।

By: PURUSHOTTAM REDDY

Published: 15 Jun 2021, 02:56 PM IST

चेन्नई.

फर्जी चीनी ऐप पावर बैंक के जरिए मात्र 20 से 25 दिन में पैसे दोगुना करने का झांसा देकर साइबर ठगों ने लाखों भारतीयों को चूना लगाया। चेन्नई में भी निर्दोष लोगों द्वारा अपनी गाढ़ी कमाई को भारी मात्रा में गंवाने का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ग्रेटर चेन्नई पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने कहा है कि चेन्नई में ऐसी 37 शिकायतें मिली है। शिकायतकर्ताओं ने दो मोबाइल ऐप के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है जिसकी मदद से उनसे ठगी हुई है। दोनों के खिलाफ अलग अलग मामले दर्ज किए गए है।

पुलिस के अनुसार 34 शिकायतें पावर बैंक के खिलाफ मिली है जबकि 3 शिकायतें टेस्ला पावर बैंक के खिलाफ दिया गया है। लोगों ने इस ऐप में तीन सौ रुपए से लेकर लाखों रुपए तक का निवेश किया। पुलिस के मुताबिक ठगी का यह रैकेट तो एक ही है, लेकिन मोड्यूल अलग-अलग हैं। इनके पीछे चीनी नागरिक हैं, जो अपने देश में बैठकर सारा नेटवर्क चला रहे हैं।

पावर बैंक एप के जरिए धोखाधड़ी

बताया जा रहा है कि यह धोखाधड़ी देश की सबसे बड़ी साइबर धोखाधड़ी है। पावर बैंक ऐप फरवरी 2021 से 12 मई 2021 तक संचालन में रही, जिसमें साइबर थाने द्वारा वित्तीय लेनदेन का अध्ययन किया गया तो विभिन्न खातों में करीब 360 करोड़ धनराशि की धोखाधड़ी सामने आई है।

ऐसे दिया जाता था लालच

इस ऐप को भारत में अब तक लगभग 50 लाख लोग डाउनलोड कर चुके हैं। इस ऐप के माध्यम से लोगों को 15 दिनों मे पैस डबल करने का लालच दिया गया। इस लालच में पडकऱ कइ लोगों ने पैसे दिए और उनका पैसा डूब गया। इस प्रकार कई लोगों से लगभग 250 करोड़ रुपए की ठगी की गई। करीब चार महीने से चल रहे इस धंधे की पुलिस को कानों कान खबर नहीं लगी।

बढ़ रहे साइबर क्राइम के मामले

कोरोना महामारी के दौरान भी साइबर क्राइम के मामले पूरे भारत में बढ़े हैं। 2019 में साइबर ठगी के 1,94,000 मामले सामने आए थे। 2020 में यह संख्या बढकऱ 11,58,000 हो गई। 25 अप्रैल से 24 मई तक जब कोरोना की दूसरी लहर अपने पीक पर थी, एक महीने में अकेले दिल्ली पुलिस को साइबर क्राइम की 791 शिकायतें मिली थीं। साइबर क्राइम करने वाले गैंग ऐक्टिव हैं।

 

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