विभाग की नाक तले उड़ रही नियमों की धज्जियां

- सीएमडीए और अग्नि एवं बचाव विभाग कार्रवाई करने में नाकाम

By: Ritesh Ranjan

Published: 04 Apr 2019, 01:28 PM IST

चेन्नई. टी. नगर स्थित नामी टेक्सटाइल शोरूम में लगी भयानक आग को दो साल गुजर गए और वहां नई इमारत बनकर तैयार हो गई लेकिन चेन्नई मेट्रोपॉलिटन डवलपमेंट अथॉरिटी (सीएमडीए) महानगर में अभी भी उन इमारतों के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम है जिनमें अग्निसुरक्षा नियमों की अनदेखी की जा रही है और जनता को जोखिम में डालते हैं।
महानगर के अधिकांश कमर्शियल इमारतों और कार्यालयों में अग्निशमन यंत्र नहीं लगे हैं। इन संस्थानों में यदि गलती से भी आग लग जाए, तो बहुत ज्यादा नुकसान हो सकता है। भवन की सुरक्षा के लिए अग्निसुरक्षा मानदंडों का पालन भी नहीं किया जा रहा है। नियमानुकूल सभी सार्वजनिक संस्थानों व बहुमंजिला निजी भवनों में भी अग्निशमन यंत्र का होना जरूरी है।
सीएमडीए के आंकड़ों के अनुसार 2439 इमारतों में अधिकांश कमर्शियल इमारतें हैं जो अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त नहीं है। इन इमारतों का अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं के निदेशक से लाइसेंस नहीं लिया गया है। यह संख्या विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि इमारतों की संरचनाएं कमर्शियल प्रतिष्ठानों की है। सीएमडीए और अग्निशमन और बचाव सेवा विभाग के पास उन इमारतों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है। विभाग द्वारा कार्रवाई करने के बजाय केवल आगंतुकों को चेतावनी दी गई है।
सीएमडीए के एक अधिकारी ने बताया कि हमने उन इमारतों के नाम अपनी वेबसाइट में सूचीबद्ध किया गया है जहां लोगों को जाने से मना किया गया है और सावधान रहने को कहा गया है।
जब उनसे पूछा गया कि नियमों की अनदेखी करने वाले इमारत के मालिकों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाती इसपर अधिकारी ने बताया कि हमारे पास कार्रवाई करने के अधिकार ही नहीं हंै।
आग व बचाव विभाग के अधिकारियों ने भी मामले से पल्लू झाड़ लिया और कहा कि एनओसी व क्लीयरेंस देने के अधिकार सीमित हैं।
यही नहीं, सीएमडीए हाईकोर्ट के निर्देश का पालन करने में भी विफल रहा है जिसने अग्निशमन विभाग की मंजूरी के बिना संचालित होने वाली इमारतों के सामने सावधानीपूर्वक नोटिस देने का आदेश दिया था।
अधिकारियों का कहना था कि टी. नगर में नामी टेक्सटाइल शोरूम में आग लगने के बाद हमने बैनर लगाए हैं। हालांकि हम अभियान को जारी नहीं रख सके, क्योंकि हमारे अधिकार सीमित हैं। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि नई बहुमंजिला इमारतों के लिए बिल्डिंग प्लान की अनुमति और पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए अग्नि सुरक्षा नियम का पालन अनिवार्य है। विभाग के अनुसार पूर्णता प्रमाण पत्र केवल भवन मालिक द्वारा अग्नि अनुपालन प्रमाण पत्र और फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज से एनओसी प्राप्त करने के बाद जारी किया जाएगा।
इसके लिए कड़े नियम कानून भी बनाए गए हैं। अग्निसुरक्षा नियमों की अनदेखी कर महानगर में कमर्शियल इमारत और कार्यालय चल रहे हैं।
इस पर सीएमडीए और आग व बचाव विभाग ध्यान का नहीं है। दोनों विभागों की नाक तले नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है।
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Ritesh Ranjan Reporting
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