अब मरीना बीच पर डूबने से बचाएंगे कमांडो

कमांडो Commandos को 18 दिवसीय स्कूबा डाइविंग ट्रेनिंग देने के साथ ही सहनशक्ति और धीरज बढ़ाने के लिए बीच पर वर्कआउट भी कराया जा रहा है

चेन्नई. मरीना बीच दुनिया की दुसरी सबसे बड़ी बीच हैं जहां पर मौज मस्ती के लिए दैनिक आधार पर हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं। पर्यटकों की सुरक्षा की जहां बात की जाए तो यह उनता सुरक्षित नहीं है क्योंकि आए दिन मरीना बीच पर किसी न किसी के डूबने की खबर चलती ही रहती है। लेकिन अब सरकार ऐसे हालात से निपटने की भी तैयारी में लग गई है। मरीना बीच पर अब तमिलनाडु फायर और रेस्क्यू सर्विस (टीएनएफआरएस) के ५० से अधिक कमांडो को तैनात किया जाएगा, जिन्हें विभिन्न प्रशिक्षण दिए जा रहे है और वे डूबते हुए लोगों को बचाएंगे। कमांडो, जो कि ट्रिप्लीकेन में नवनिर्मित मरीना टीएनएफआरएस स्टेशन में रहेंगे, को बचाव मिशन के तहत पानी के अंदर समेत अन्य ट्रेनिंग दी जा रही है।

टीएनएफआरएस के एक अधिकारी ने बताया कि कमांडो को 18 दिवसीय स्कूबा डाइविंग ट्रेनिंग देने के साथ ही सहनशक्ति और धीरज बढ़ाने के लिए बीच पर वर्कआउट भी कराया जा रहा है। उन लोगों को गहरे समुद्र में डूबते हुए लोगों को बचाने की ट्रेनिंग भी दी जा रही है। कई कमांडो को यह ट्रेनिंग बेहद पसंद भी आ रही है। इसके अलावा उन लोगों को रेत पर चलने वाले वाहन और पानी में चलने वाली स्की स्कूटर चलाने की भी ट्रेनिंग प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग का मुख्य लक्ष्य जवानों की तैराकी क्षमता को बढ़ाना है ताकि गंभीर स्थिति आने के बाद वे पानी में कूद कर डूबते हुए लोगों को बचा सके। मरीना बीच पर वॉच टॉवर भी स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है, जिसके जरीए सिफ्टिंग के आधार पर जवान निगरानी रखेंगे। बचाव ट्रेनिंग के अलावा पानी के प्रवाह की पहचान करने की भी ट्रेनिंग दी जा रही है।

Vishal Kesharwani
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