पहले पास करने की घोषणा कर दी, अब कक्षा 9 से 11 के लिए कम्प्यूटर आधारित टेस्ट पर विचार

पहले पास करने की घोषणा कर दी, अब कक्षा 9 से 11 के लिए कम्प्यूटर आधारित टेस्ट पर विचार
-अंकतालिका देने में रहेगी सहुलियत

By: Ashok Rajpurohit

Published: 02 Mar 2021, 07:38 PM IST

चेन्नई. राज्य सरकार ने कक्षा 9 से 11 के छात्रों को बिना परीक्षा दिए पास करने की घोषणा तो कर दी लेकिन अब उन्हें अंक किस आधार पर दिए जाएं, इसे लेकर नई परेशानी खड़ी हो गई है। ऐसे में सरकार कम्प्यूटर आधारित टेस्ट लेने पर विचार कर रही है ताकि इस आधार पर उन्हें अंक दिए जा सकें।
पिछले शैक्षणिक सत्र के दौरान भी कोरोना की दस्तक हो चुकी थी और दसवीं की परीक्षा आयोजित नहीं की गई। तब दसवीं के छात्रों को पास कर दिया गया था। उस समय छात्रों की उपस्थिति एवं त्रैमासिक व अर्द्धवार्षिक परीक्षा के आधार पर अंक दिए गए। इस साल स्कूल तो खोले गए लेकिन उपस्थिति अनिवार्य नहीं थी। ऐसे में रिविजन टेस्ट भी नहीं हो सके। स्कूली शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब राज्य की ओर से संचालित की जा रही स्कूलों में कम्प्यूटर लैब से टेस्ट आयोजित करने की संभावना तलाशी जा रही है। इससे छात्रों को अंक देने में सहूलियत हो सकेगी।
अभिभावकों, शिक्षाविदों से मिले फीडबैक के बाद इस तरह के टेस्ट के आयोजन पर विचार किया गया है। कम्प्यूटर आधारित टेस्ट होगा जिसमें छात्र अपनी स्कूल में यह टेस्ट दे सकेगा। निजी स्कूल अपने स्तर पर टेस्ट ले सकेंगे और अंक सरकार को भेजेंगे। ताकि अंकतालिका तैयार की जा सकें। अधिकारियों के अनुसार टेस्ट बहुचयनात्मक स्तर का होगा। टेस्ट में वे ही सवाल पूछे जाएंगे जो अब तक स्कूलों में पढ़ाया गया है। स्कूलों से भी पढ़ाए गए अध्यायों के बारे में जानकारी मांगी गई है।

Ashok Rajpurohit
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