मईलापुर कपालीश्वर मंदिर मामले में अपर आयुक्त को मिली सशर्त जमानत

अदालत ने अपर आयुक्त को हर रोज मूर्ति तस्करी रोधी विंग के ऑफिस जाकर उपस्थिति दर्ज कराने के आदेश के साथ जमानत दी

By: Santosh Tiwari

Published: 18 Dec 2018, 07:07 PM IST

तिरुचि. कुभंकोणम की विशेष अदालत ने हिन्दू धर्म व देवस्थान विभाग की निलंबित अपर आयुक्त तिरुमगल को सशर्त जमानत दे दी है। मईलापुर स्थित विश्व प्रसिद्ध कपालीश्वर मंदिर का २००४ में कुंभाभिषेक हुआ था। इससे पहले जीर्णोद्धार कार्य हुए थे। उस वक्त पूण्णैवन्नादर सन्निधि में रखी मोर की असली मूर्ति को दूसरी मूर्ति से बदल देने और राहु-केतु की मूर्तियां भी गायब होने की शिकायत उठी।
सीआईडी की मूर्ति तस्करी रोधी विंग ने मामला दर्ज कर जांच की। पड़ताल में मंदिर की तत्कालीन अधिशासी अधिकारी तिरुमगल जो बाद में देवस्थान विभाग की अपर आयुक्त बन गई थी, के घर अक्टूबर महीने में दबिश दी गई। उनसे पूछताछ हुई और यह खबर थी कि उनको गिरफ्तार किया जाएगा।

गिरफ्तारी से बचने के लिए तिरुमगल ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई जिसे हाईकोर्ट ने ठुकरा दी। उनको रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उनका बयान दर्ज कर कुंभकोणम की विशेष कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। सोमवर को उनके वकील कुप्पुस्वामी ने जमानत की याचिका दायर की। अदालत ने उसे हर रोज मूर्ति तस्करी रोधी विंग के ऑफिस जाकर उपस्थिति दर्ज कराने के आदेश के साथ जमानत दे दी।

गौरतलब है कि राज्य के मंदिरों से गायब मूर्तियों और तस्करी को लेकर उच्च न्यायालय काफी सख्त है। इससे जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई पर हाईकोर्ट ने कहा था कि कई दस्तावेज नष्ट कर दिए गए हैं। विभागीय अधिकारियों की तस्करी में लिप्तता पाई गई तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

Santosh Tiwari Desk
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