टी. नगर के पांडि बाजार में फुटपाथ का निर्माण कार्य शुरू

स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत चयनित टी. नगर के पांडि बाजार में फुटपाथ का निर्माण कार्य सोमवार को शुरू हो गया। काम शुरू करने से पहले शिवाजी...

By: मुकेश शर्मा

Published: 07 Jun 2018, 09:49 PM IST

चेन्नई।स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत चयनित टी. नगर के पांडि बाजार में फुटपाथ का निर्माण कार्य सोमवार को शुरू हो गया। काम शुरू करने से पहले शिवाजी गणेशन सालै के त्यागराय रोड के पास भूमि पूजा की गई। इस मौके पर वहां नगर प्रशासन मंत्री एस. पी. वेलुमणि, राज्य मत्स्यपालन मंत्री डी. जयकुमार और ग्रेटर चेन्नई निगम आयुक्त डी. कार्तिकेयान समेत कई अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

सूत्रों के अनुसार ३३.८० करोड़ की लागत से तैयार होने वाले इस फुटपाथ पर वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों और दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इसके अलावा यहां टहलने तथा खरीदारी करने आने वालों के लिए टॉयलेट और सजावटी लैंपों सहित अन्य सुविधाओं का भी इंतजाम किया जाएगा। निर्माण कार्य को जल्दी पूरा करने के लिए फिलहाल त्यागराय रोड को तीन हिस्सों में बांटा गया है लेकिन जरूरत पडऩे पर यातायात में भी बदलाव किया जा सकता है। संवाददाताओं से बातचीत में चेन्नई कॉर्पोरेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत टी. नगर के पांडी बाजार में बहु स्तरीय पार्किंग एवं कुछ अन्य सुविधाओं के निर्माण का काम पहले से ही चल रहा है। फुटपाथ निर्माण का काम भी इसी परियोजना से संबंधित है और इसे समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा।

दिन-दहाड़े निजी बैंक में डाका

जिले के मण्णारगुड़ी स्थित निजी बैंक में सोमवार दोपहर पांच डकैतों ने डाका डाला। बंदूकधारी डकैत बैंक से ६ लाख रुपए और ३ लाख के गहने लूट ले गए। अपनी पहचान छिपाए रखने के लिए डकैत जाते वक्त सीसीटीवी कैमरा और डिजीटल वीडियो रिकॉर्डर भी ले गए। दिन दहाड़े पड़े इस डाके की वजह से मण्णारगुड़ी में दहशत फैल गई।

डाके की खबर मिलने के बाद पुलिस के आला अधिकारी बैंक पहुंचे। प्रारंभिक पड़ताल के बाद पुलिस ने बताया कि दो बंदूकधारी और तीन धारदार हथियारों के साथ पांच लोग सोमवार को करीब तीन बजे बैंक में घुसे। डकैतों ने डकैती के लिए ऐसा वक्त चुना था जब बैंक में ग्राहक और कर्मचारी कम होते हैं। उस वक्त कुछ बैंक कर्मचारी लंच के लिए बाहर गए हुए थे। शाखा प्रबंधक और अन्य कर्मचारी बैंक में मौजूद थे।


डकैत भीतर जाते ही सीधे शाखा प्रबंधक के कक्ष में घुस गए और उससे बंदूक दिखाकर लॉकर की चाबी मांगी। लॉकर की चाबी देने से पहले शाखा प्रबंधक ने कुछ कहने का प्रयास किया तो बंदूकधारी एक सदस्य ने फर्श पर गोली चलाते हुए धमकाने की कोशिश की। शाखा प्रबंधक ने जब उन्हें लॉकर की चाबी नहीं दी तो वे कैशियर की केबिन में घुस गए। वे कैश बॉक्स में रखी छह लाख नगदी और दस सवरन के गहने लेकर फरार हो गए।

बैंक कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि संभवत: डकैत किसी को शारीरिक क्षति पहुंचाने के इरादे से नहीं आए थे। अगर ऐसा होता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। उन्होंने बैंक के किसी कर्मचारी और बैंक में मौजूद ग्राहक को नुकसान नहीं पहुंचाया। बैंक लूटने के बाद जब वे वापस जा रहे थे तब उन्होंने सीसीटीवी का डिजीटल वीडियो रिकॉर्डर अपने साथ ले गए ताकि पुलिस उन तक नहीं पहुंच सके।


सूचना मिलते ही तिरुवारुर पुलिस मौके पर पहुंची और तफ्तीश शुरू की। पुलिस अधीक्षक एनएम मईलवाहनन ने भी बैंक का दौरा किया और बैंक के शाखा प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की।


पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पांच में से चार डकैत बैंक के अंदर घुसे जबकि एक बैंक के बाहर खड़े होकर ग्राहकों को बाहर जाने नहीं दिया ताकि उनका फुलप्रूफ प्लान खराब न हो जाए। उन्होंने बताया कि गिरोह के किसी भी सदस्य ने नकाब नहीं पहना था लेकिन उनकी हाथों में दस्ताने थी। उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मुकेश शर्मा Reporting
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