कोरोना से ठीक हुए लोगों के लिए कोवैक्सीन की एक खुराक पर्याप्त हो सकती है

कोरोना से ठीक हुए लोगों के लिए कोवैक्सीन की एक खुराक पर्याप्त हो सकती है
- भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के एक अध्ययन में आया सामने


- चेन्नई में कोवैक्सिन प्राप्त करने वाले 114 स्वास्थ्य पेशेवरों और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं से रक्त के नमूने एकत्र किए

By: ASHOK SINGH RAJPUROHIT

Published: 07 Sep 2021, 12:50 AM IST

चेन्नई. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के एक अध्ययन में सामने आया है कि भारत बायोटेक द्वारा निर्मित कोवैक्सिन की सिंगल डोज कोरोना से संक्रमित होकर ठीक हुए लोगों पर उतना ही असर करती है जितना की गैर संक्रमित लोगों पर वैक्सीन की दोनों डोज करती हैं। यह अध्ययन इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित हुआ है।
अध्ययन के एक हिस्से के रूप में फरवरी से मई 2021 तक चेन्नई में वैक्सीनेशन केंद्रों पर कोवैक्सिन प्राप्त करने वाले 114 स्वास्थ्य पेशेवरों और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं से रक्त के नमूने एकत्र किए गए थे। कोरोना से संक्रमित हुए सभी (दो लोगों को छोड़कर) लोगों में वैक्सीन से एंटीबॉडी बनने का स्तर गैर संक्रमित और वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके लोगों में बनने वाली एंटीबॉडी के समान था। यानी अध्ययन के परिणाम काफी अच्छे रहे।
पुष्टि होने पर वैक्सीन की सिंगल डोज की सिफारिश
आइसीएमआर ने कहा कि यदि बड़ी जनसंख्या पर हमारे अध्ययनों की पुष्टि हो जाती है तो कोरोना से संक्रमित हुए व्यक्तियों के लिए वैक्सीन की सिंगल डोज की सिफारिश की जा सकती है ताकि वैक्सीन की सीमित आपूर्ति का लाभ सभी लोगों को मिल सके। भारत की पहली स्वदेशी कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन को जनवरी में आपातकालीन उपयोग के लिए सरकार ने मंजूरी दी थी। इस अध्ययन में कोरोना से संक्रमित हुए और वैक्सीन की एक डोज ले चुके व्यक्तियों में बनने वाली एंटीबॉडी की तुलना गैर संक्रमित और कोरोना की दोनो डोज ले चुके व्यक्तियों में बनने वाली एंटीबॉडी से की गई। अध्ययन का मकसद दोनों तरह के लोगों में बनने वाली एंटीबॉडी की मात्रा का पता करना था।

ASHOK SINGH RAJPUROHIT
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