Tamilnadu: SRM रिसर्च सेंटर में कोरोना वैक्सीन COVAXIN का ट्रायल शुरू, वालंटियर को दिया गया पहला डोज

- कोरोना संक्रमण से जंग के बीच उम्मीद

-वालंटियर को दिया गया पहला डोज

By: PURUSHOTTAM REDDY

Updated: 20 Jul 2020, 05:53 PM IST

चेन्नई.

कांटनकुलात्तूर स्थित एसआरएम मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में सोमवार को (20 जुलाई) कोरोना वैक्सीन (COVAXIN) का ट्रायल शुरू हो गया है। संस्थान के डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों, तकनीशियन व पूरे आईसीयू स्टाफ ने सभी सुरक्षा इंतजामों के बीच पहले वालंटियर को पहली डोज दी।

इसके बाद जब सब कुछ सामान्य रहा तो अन्य वालंटियर को भी डोज दी गई। इस दौरान वालंटियर को घंटों आईसीयू में ही चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया। डोज देने से पहले इन वालंटियर्स की स्क्रीनिंग की गई। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) व नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे ने मिलकर वैक्सीन COVAXIN बनाया है। इसके प्री-क्लीनिकल ट्रायल कामयाब रहे हैं। अब इंसानों पर ट्रायल शुरू किया गया।

राज्य में पहला अस्पताल
एसआरएम मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर तमिलनाडु का एक मात्र अस्पताल है जिसे स्वदेशी कोविड-19 वैक्सीन उम्मीदवार ह्यूमन ट्रायल (Human Trial) के लिए चयनित किया गया है। भारत बायोटेक की वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल की प्रोसेस 10 जुलाई को शुरू हो गई। ट्रायल में शामिल कुछ लोगों को वैक्सीन दी जाएगी और कुछ लोगों को सामान्य इलाज दिया जाएगा, इसकी तुलना से पता चलेगा वैक्सीन कितनी असरदार है।

पूरे ट्रायल में कुल 90 दिन लगेंगे
देश में शुरू हुए वैक्सीन के पहले ह्यूमन ट्रायल में करीब एक महीना लगेगा। ट्रायल के बाद सामने आए आंकड़ों को ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया के पास भेजा जाएगा। इसके बाद अगले चरण के ट्रायल की मंजूरी मिलेगी। सीधे तौर पर समझें तो वैक्सीन के पहले और दूसरे चरण के ट्रायल में करीब 90 दिन लगेंगे।

PURUSHOTTAM REDDY
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