खतरे के बीच करते है रेलवे ट्रेक को पार

न सब-वे बना न फुट ओवरब्रिज

By: Santosh Tiwari

Published: 18 Dec 2018, 05:09 PM IST

चेन्नई. विगत अक्टूबर माह में अमृतसर रेल दुर्घटना में चंद मिनटों के अंदर ही पांच दर्जन से भी अधिक लोगों की जान चली गई, क्योंकि लोग रेलवे ट्रेक पर बैठकर रावण दहन देखने में मशगूल थे। इस हादसे से न तो रेलवे ने सीख ली और न ही यात्रियों ने। चेन्नई महानगर ने भी इस हादसे से किसी प्रकार की सीख नहीं ली है। अलवत्ता महानगर में कई रेलवे क्रासिंग है जहां लोग जान की परवाह किए बिना रेलवे ट्रेक पार करते नजर आते हैं, जबकि उन क्रॉसिंग्स से होकर बड़ी संख्या में ट्रेनें गुजरती हैं।

ऐसा ही एक रेलवे स्टेशन है कोरटूर जहां की दक्षिण गुमती से हर रोज हजारों लोग रेलवे ट्रेक पार करने को मजबूर हैं। लोगों की दलील है कि हमारे पास रेलवे ट्रेक पार करने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। न यहां फुट ओवरब्रिज है और न ही सब-वे, ऐसे में करें तो क्या करें?
बतादें, कुछ वर्ष पहले इस गुमती पर ट्रेनों की आवाजाही से पहले वहां लगे फाटक को बंद कर दिया जाता था लेकिन अब तो वहां फाटक भी हटा दिया गया है, लेकिन लोगों की सुरक्षित आवाजाही के लिए अब तक कोई अन्य व्यवस्था नहीं की गई है। यहां गौरतलब है कि महानगर में रेलवे क्रासिंग और ट्रेक पार करते समय अब सैकड़ों लोग जान गंवा चुके हैं, फिर भी न रेलवे इस पर रोक लगा पाता है और न यात्रियों में ही भय दिखता है।

  • फुट ओवरब्रिज का उपयोग नहीं

कहने को तो कोरटूर रेलवे स्टेशन के मध्य में एक फुट ओवरब्रिज बना हुआ है लेकिन उस फुट ओवरब्रिज का उपयोग बिल्कुल नहीं किया जाता है। यात्रियों का कहना है कि यह फुट ओवरब्रिज स्टेशन के मध्य में है इसलिए इसका उपयोग नहीं किया जा रहा है। स्टेशन के दक्षिणी भाग में लोगों की आवाजाही अधिक है, दक्षिण रेलवे ने पिछले साल यह घोषणा की थी कि इस रेलवे क्रासिंग पर शीघ्र ही सब-वे का निर्माण कराया जाएगा ताकि आमजन बिना रेलवे ट्रेक पार किए दोनों तरफ आवाजाही कर सकें, लेकिन न ग्रेटर चेन्नई ने इसकी जिम्मेदारी निभाई न रेलवे ने अपना काम पूरा किया। नतीजतन कोरटूर निवासी जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रेक पार करते नजर आते हैं।

Santosh Tiwari Desk
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