हिरासत में पिता-पुत्र की मौत के मामले में पांच पुलिसकर्मी गिरफ्तार, लोगों ने पटाखे जलाकर मनाया जश्र

- तुत्तुकुडी हिरासत में मौत का मामला

- लोगों ने पटाखे जलाकर मनाया जश्र

By: PURUSHOTTAM REDDY

Updated: 02 Jul 2020, 03:52 PM IST

तुत्तुकुडी.

तुत्तुकुडी में पुलिस हिरासत में पिता-पुत्र की मौत मामले में चार और पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। राज्य की सीबी-सीआईडी ने गुरुवार अलसुबह निलंबित इंस्पेक्टर श्रीधर, सब इंस्पेक्टर बालकृष्णन और दो कांस्टेबल मुत्तुराज और मुरुगण को गिरफ्तार किया है। बुधवार रात को पुलिस सब इंस्पेक्टर रघु गणेश को गिरफ्तार किया गया था। इंस्पेक्टर पर श्रीधर पर आईपीसी की धारा 302 के तहत केस दर्ज किया गया है।

घटना के वक्त श्रीधर सातानकुलम पुलिस स्टेशन के इन्चार्ज थे। मामले के तूल पकडऩे और मद्रास हाईकोर्ट की टिप्पणी आने के बाद राज्य सरकार सक्रिय हुई है। पिता-पुत्र की हुई मौत के मामले में सीबी-सीआईडी ने बुधवार को छी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

तुत्तुकुडी सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा फिट बताए जाने के बाद गुरुवार तडक़े सब इंस्पेक्टर रघु गणेश को तुत्तुकुडी के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एस हेमा के समक्ष पेश किया गया। सीजेएम ने उन्हें 16 जुलाई तक पेरूरानी जिला स्थित जेल भेज दिया।

पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी पर पटाखे छोड़े
मामले में आरोपी सब-इंस्पेक्टर रघु गणेश की गिरफ्तारी पर सातानकुलम के लोगों ने पटाखे छोडकऱ अपनी खुशी का इजहार किया। मृतक पिता-पुत्र के घर और आसपास इलाके में पटाखे जलाए गए। आईजी शंकर ने कहा कि हमने अब आरोपियों पर हत्या का आरोप भी लगाया है। हम लोग इस मामले में और लोगों से बातचीत कर रहे हैं। जांच के बाद हम और कदम उठाएंगे। शुरुआती जांच में इन लोगों की भूमिका पाई गई है। हम आगे जांच की दिशा देखेंगे कि वह किस तरफ जा रही है।

कानून मंत्री ने कहा-होगी बड़ी कार्रवाई
राज्य के कानून मंत्री सी वे षणमुगम ने लोगों को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। कानून मंत्री ने कहा है कि पुलिस हिरासत में कथित रूप से पी जयराज एवं उनके बेटे फिनिक्स को बुरी तरह पीटने के मामले में 'जितनी कड़ी सजा हो सकती है', दी जाएगी।

क्या है मामला
मामला 19-20 जून का है। शक्तिशाली नाडर व्यापारी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले पी जयराज और उनके बेटे जे फिनिक्स की 7 सात बजे के बाद भी दुकान खुले रखने को लेकर पुलिसवालों से बहस हो गई। कोरोना महामारी के मद्देनजर ऐसा निर्देश था कि शहर में सात बजे के बाद सभी दुकानें बंद कर दी जाएंगी। इसी बात पर बहस के बाद पुलिसवालों ने जयराज और उनके बेटे को थाने ले आई थी। हिरासत में लिए जाने के दो ही दिन बाद दोनों की कस्टडी में ही मौत हो गई।

पुलिस ने पार की अमानवीयता की हद
जानकारी के मुताबिक, 19-20 की रात पुलिसवालों ने हिरासत में बाप-बेटे की जमकर पिटाई की थी। इस दौरान उन्होंने अमानवीयता की सारी हद पार कर दी थी। दोनों के प्राइवेट पार्ट्स पर भी हमले किए गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दोनों को दो घंटे तक अस्पताल में रखा गया था। यहां पूरी कोशिश की जा रही थी कि ब्लीडिंग को किसी तरह रोका जाए। उन्हें कई बार कपड़े बदलने के लिए दिए गए लेकिन लगातार बहते खून के कारण कपड़े खून से सन जाते थे।

PURUSHOTTAM REDDY
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